Print this page

शरई अहकाम | महिलाओं के विशेष कार्यक्रम की वीडियो बनाने और एडिटिंग के बारे में आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़तवा

Rate this item
(0 votes)
शरई अहकाम | महिलाओं के विशेष कार्यक्रम की वीडियो बनाने और एडिटिंग के बारे में आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़तवा

आयतुल्लाहिल अज़्मा सय्यद अली सीस्तानी ने महिलाओं की मजलिसों और समारोहों, जैसे शादी आदि की वीडियो बनाने और उनकी एडिटिंग से संबंधित एक इस्तिफ़्ता का जवाब दिया है।

सवाल: क्या महिलाओं के ऐसे कार्यक्रम की वीडियो बनाना और बाद में उसकी एडिटिंग करना जायज़ है, जहाँ आम तौर पर महिलाएँ बिना हिजाब के होती हैं, जैसे शादी आदि?

जवाब: पुरुष के लिए ऐसे कार्यक्रम में प्रवेश करना जायज़ नहीं है। हालांकि वीडियो की एडिटिंग और उससे संबंधित दूसरे काम, जिनमें महिलाओं को देखना शामिल हो, यदि उन्हें देखने का उद्देश्य आनंद प्राप्त करना न हो, वीडियो अश्लील न हों और वीडियो में मौजूद महिलाओं की पहचान ज्ञात न हो, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है।

Read 3 times