यमन के प्रमुख ने कहा है कि उम्मत-ए-इस्लामिया के दुश्मनों ने सॉफ्ट वॉर शुरू कर दी है, जिसका मुकाबला करना पूरी इस्लामी और अरब दुनिया की जिम्मेदारी है।
यमन के लीडर सैयद अब्दुल मलिक अल-हौसी ने रमज़ान के आने पर एक तक़रीर में अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम के दुश्मनों ने मुसलमानों के खिलाफ एक "सॉफ्ट वॉर शुरू कर दी है।
इस जंग का मकसद लोगों को अल्लाह और इस्लाम से दूर करना है। उन्होंने कहा कि इस नरम जंग का मुकाबला करना सब अरब और इस्लामी मुल्कों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज अरब और इस्लामी मुल्कों की हालत बहुत खराब है और उनके सामने बहुत सारी मुश्किलें हैं। उन्हें अफसोस है कि कुछ इस्लामी हुकूमतों ने उम्मत की हिफाजत और जेहाद फी सबीलिल्लाह (अल्लाह की राह में जेहाद) जैसे अहम कामों को अपनी तरजीहात से निकाल दिया है।
रहनुमा ने साफ कहा कि आज उम्मत-ए-इस्लामिया को अमेरिका, इसराइल और ब्रिटेन जैसे दुश्मनों और उनके साथ देने वालों का सामना है। उन्होंने इसराइल के जुल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुश्मन फिलिस्तीन, लेबनान और शाम के लोगों के खिलाफ हर तरह के अपराध कर रहा है, और कोई भी उसे रोकने वाला नहीं है।
आखिर में उन्होंने ईरान का जिक्र किया और कहा कि ईरान का रुख बहुत मजबूत है। उन्होंने ईरानी इन्केलाब की जीत की सालगिरह पर निकाली गई ईरानी अवाम की शानदार रैलियों की भी तारीफ की।