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ईद-ए-ग़दीर के मौक़े पर मशहद और ख़ुरासान-ए-रज़वी में 2 हज़ार मोकिब ज़ायरीन की ख़िदमत करेंगे

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ईद-ए-ग़दीर के मौक़े पर मशहद और ख़ुरासान-ए-रज़वी में 2 हज़ार मोकिब ज़ायरीन की ख़िदमत करेंगे

ख़ुरासान-ए-रज़वी प्रांत के डायरेक्टर औक़ाफ़ व उमूर-ए-ख़ैरिया मुहम्मद अहमदज़ादा ने एलान किया है कि ईद-उल-अज़हा से ईद-ए-ग़दीर तक जारी रहने वाले अशरा-ए-इमामत व विलायत के दौरान मशहद और सूबे के मुख़्तलिफ़ इलाक़ों में तक़रीबन 2 हज़ार मोकिब ज़ायरीन और मुक़ामी शहरीयों की ख़िदमत के लिए क़ायम किए जाएंगे।

मुहम्मद अहमद ज़ादेह ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि इस साल ग़दीर के मौक़े पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उनवान "ग़दीर; मीसाक़ ए उम्मत व विलायत" रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग़दीर सिर्फ़ एक तारीखी वाक़िआ नहीं, बल्कि उम्मत-ए-इस्लामिया की हिदायत, बसीरत और विलायत का दाइमी मंसूर है।

उन्होंने बताया कि "इतआम ए अलवी" मुहिम अशरा-ए-विलायत के अहम प्रोग्रामों में शामिल है, जिसके तहत ख़ैरख़्वाहों और अवाम के तआवुन से ग़दीरी दस्तरख़्वान सजाए जाएंगे। पिछले साल ख़ुरासान-ए-रिज़वी में 40 लाख से ज़्यादा तबर्रुकी खाने तक़्सीम किए गए थे, जिनके तमाम अख़राजात अवाम और मुख़य्यर हज़रात ने बर्दाश्त किए थे।

मुहम्मद अहमदज़ादा ने कहा कि "हर घर एक परचम" मुहिम के ज़रिये लोगों को अपने घरों और कारोबारी मराकिज़ पर हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ.स.) के नाम से मुअज्ज़न परचम नस्ब करने की तरग़ीब दी जाएगी, ताकि ग़दीर की ख़ुशियाँ पूरे मुआशरे में नुमायाँ हों।

उन्होंने मज़ीद बताया कि सूबे भर के मज़ारात और इमाम ज़ादगान में क़ुरआनी महाफ़िल, जश्न-ए-ग़दीर, अक़्द-ए-उखुव्वत की तक़रीबात, साक़ाफ़ती व खेलकूद मुक़ाबले, कारवान-ए-मसर्रत, सलवाती स्टेशनों और इज्तिमाई इतआम के प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा रूहुल्लाह ख़ुमैनी शुहदाए-मुक़ावमत और शुहदाए-वतन के अहल-ए-ख़ाना की तक़रीम की तक़रीबात भी मुनअक़िद होंगी।

उन्होंने यह भी एलान किया कि दूसरी बैनुल-अक़वामी कॉन्फ़्रेंस Ghadir va Moqavemat Conference की इख़्तितामी तक़रीब 16 को मुनअक़िद होगी।

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