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आयतुल्लाह फ़य्याज़ की बरकतें नजफ़ के हौज़ा में कभी भुलाई नहीं जाएँगी

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आयतुल्लाह फ़य्याज़ की बरकतें नजफ़ के हौज़ा में कभी भुलाई नहीं जाएँगी

आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी ने नजफ़ के महान मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह शेख़ इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर शोक संदेश जारी किया है।

 आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी ने नजफ़ के महान मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह शेख़ इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर शोक संदेश जारी किया है। उनके शोक संदेश का पाठ इस प्रकार है:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

एक रब्बानी विद्वान और महान मरजा-ए-तक़लीद, आयतुल्लाह हाजी शेख़ इस्हाक़ फ़य्याज़ (र) के निधन की खबर से गहरा दुख और शोक उत्पन्न हुआ, और इसने पवित्र हौज़ा-ए-इल्मिया नजफ़ अशरफ़ को शोक में डाल दिया।

नजफ़ अशरफ़ में उनका वर्षों तक निवास, अनेक छात्रों का प्रशिक्षण, पुस्तकों की रचना, उस हौज़ा की इल्मी गतिविधियों पर गहरी पकड़, और मोमिनों तथा मुक़ल्लिदों का मार्गदर्शन—ये सब उनके अस्तित्व की उन बरकतों में से हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता, और जिनके अमल-ए-सालेह इनशा-अल्लाह हमेशा बने रहेंगे।

मैं इस दुखद घटना पर नजफ़ के हौज़ा, अफ़ग़ानिस्तान और इराक की मोमिन जनता, उनके सभी अनुयायियों और चाहने वालों, विशेष रूप से उनके सम्मानित परिवार के प्रति संवेदना ज़ाहिर करता हूँ। और अल्लाह तआला से दुआ करता हूँ कि वह इस दिवंगत को उच्च दर्जे प्रदान करे और उन्हें अपने औलिया के साथ महशूर करे, तथा पीछे रह गए लोगों को सब्र-ए-जमील और अज्र-ए-जज़ील प्रदान करे।

वस सलामो अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातोह
क़ुम — नासिर मकारिम शिराज़ी
6 जून 2026

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