एक अमेरिकी अख़बार ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका के सहयोगी देशों को ईरान के साथ टकराव में संभावित रणनीतिक विफलता की गंभीर चिंता है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका के सहयोगियों को आशंका है कि ईरान के साथ संघर्ष एक ऐसी रणनीतिक हार की ओर बढ़ सकता है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, इन सहयोगियों को डर है कि ईरान में कोई स्थायी बदलाव लाने में विफलता अमेरिका की एक बड़ी रणनीतिक कमजोरी को उजागर कर सकती है, जिसका रूस और चीन लाभ उठा सकता हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन सहयोगी देशों ने स्वीकार किया है कि ईरान के विरुद्ध आक्रामक नीति अपनाने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने घोषित उद्देश्यों को अब तक हासिल नहीं कर सके हैं। साथ ही, अमेरिकी सेना हथियारों के भंडार में कमी जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, सहयोगियों का यह भी मानना है कि इस संघर्ष ने अमेरिका और इज़राइल दोनों को पहले की तुलना में अधिक कमजोर स्थिति में ला खड़ा किया है और दोनों पक्ष मौजूदा परिस्थितियों के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस बीच मिसाइलों और ड्रोन का खतरा अब भी पूरे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बना हुआ है।