लेबनान के पूर्व मंत्री मुस्तफ़ा बैरम ने कहा कि वे एक मज़बूत और न्यायपूर्ण राज्य चाहते हैं, न कि ऐसा शासन जो दुश्मन के हमलों और विस्फोटों को देखकर भी निष्क्रिय बना रहे और कोई प्रभावी प्रतिक्रिया तक न दे।
लेबनान के पूर्व मंत्री मुस्तफ़ा बैरम ने कहा कि वे एक मज़बूत और न्यायपूर्ण राज्य चाहते हैं, न कि ऐसा शासन जो दुश्मन के हमलों और विस्फोटों को देखकर भी निष्क्रिय बना रहे और कोई प्रभावी प्रतिक्रिया तक न दे।
उन्होंने यह बात लेबनान के कस्बे बिन-अफ़ूल में आयोजित एक श्रद्धांजलि समारोह में कही, जिसका आयोजन हिज़्बुल्लाह ने "अल-अस्फ़ अल-मअक़ूल" अभियान के दौरान मारे गए शहीदों रज़ा कसरवान, तालिब अशकर और ज़हरा अली बदवी की याद में किया था। इस कार्यक्रम में शहीदों के परिवारों के साथ राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक हस्तियाँ भी मौजूद थीं।
बैरम ने कहा कि जो लोग बलिदान देते हैं, वही अपनी मातृभूमि की वास्तविक कीमत जानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने मस्जिदों और चर्चों दोनों की रक्षा की है तथा लेबनान की धार्मिक और सामाजिक विविधता की हिफ़ाज़त की है। इसलिए वे लेबनान की संप्रभुता, स्थिरता और सुरक्षा के सबसे बड़े समर्थकों में हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दुश्मन का उद्देश्य केवल हथियारों को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि उनके सामाजिक आधार और समुदाय की प्रभावशीलता को समाप्त करना है। उनके अनुसार,हम एक ऐसी जंग का सामना कर रहे हैं जिसे हमारे अस्तित्व और प्रभाव को मिटाने के लिए नरसंहार जैसी नीति के रूप में चलाया जा रहा है।