ईरान के उद्योग, खनन और व्यापार मंत्रालय में वाणिज्य मामलों के उपमंत्री मोहम्मद सादिक मुफ़्तह ने भारत और ईरान के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए संयुक्त व्यापार कार्य समूह को फिर से सक्रिय करने पर जोर दिया हैं।
उन्होंने गुरुवार को भारत के उद्योग मंत्रालय के उपमंत्री अमरदीप सिंह भाटिया से मुलाकात के दौरान कहा कि यह संयुक्त कार्य समूह वर्ष 2015 तक तीन बैठकें कर चुका था और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। हालांकि, 2015 के बाद राजनीतिक परिस्थितियों और प्रतिबंधों के कारण इसकी गतिविधियां बंद हो गईं।
उन्होंने कहा कि इस कार्य समूह का नेतृत्व दोनों देशों के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालयों के उपमंत्री करेंगे और इसे दोबारा सक्रिय करने से व्यापारिक लेन-देन में आने वाली समस्याओं और बाधाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मुफ़्तह ने भारतीय यूको बैंक द्वारा ईरानी व्यापारियों को दी जाने वाली बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस बैंक की सक्रिय भूमिका दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और भारत को होने वाले ईरानी निर्यात में वृद्धि करने में सहायक हो सकती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यूको बैंक की सेवाओं का दायरा उद्योग, खनन, बिजली, निर्माण और सेवा क्षेत्रों के ईरानी व्यापारियों तक बढ़ाया जाए तथा भारतीय रुपये में बैंकिंग सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
ईरानी उपमंत्री ने भारत के बंदरगाहों और चाबहार बंदरगाह के बीच नियमित समुद्री शिपिंग सेवा शुरू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक या पखवाड़े में एक बार नियमित शिपिंग सेवा शुरू होने से चाबहार बंदरगाह के विकास और वहां निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अब तक चाबहार और भारतीय बंदरगाहों के बीच कोई नियमित शिपिंग लाइन नहीं है। वर्तमान में केवल ईरान की सरकारी शिपिंग कंपनी माल उपलब्ध होने पर अनियमित रूप से परिवहन करती है। इसलिए नियमित समुद्री सेवा दोनों देशों के व्यापार और चाबहार के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।