हुज्जतुल इस्लाम इस्माईल हादवी ने कहा है कि मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों में मीडिया और सांस्कृतिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मीडिया को जनता की मांगों और समस्याओं को सही तरीके से सामने लाने तथा वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
जुल्फा जिले की सार्वजनिक संस्कृति परिषद की पांचवीं बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान की जनता ने आर्थिक और वित्तीय दबावों के बावजूद मजबूती के साथ खड़े रहकर इस्लामी व्यवस्था के प्रति अपनी वफादारी साबित की है। अब अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की इस वफादारी का व्यावहारिक जवाब दें और उनकी चिंताओं तथा समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार और सभी अधिकारियों को जनता का समर्थन करना चाहिए और बिना किसी स्वार्थ के उनकी सेवा के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने जिम्मेदारी को एक ईश्वरीय अमानत बताते हुए कहा कि जिम्मेदारी संभालने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता और रचनात्मकता का इस्तेमाल करके जनता की सेवा तथा देश के सांस्कृतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
हुज्जतुल इस्लाम हादवी ने मुहर्रम और सफर के दौरान जनता के सहयोग और धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया और सांस्कृतिक संस्थाओं को समाज में सही जानकारी पहुंचाने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जुल्फा के इस्लामी प्रचार विभाग के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम हुसैन रज़ापूर और परिषद के सदस्यों के प्रयासों की भी सराहना की।
बैठक में अरास मुक्त क्षेत्र संगठन के सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यटन मामलों के उपाध्यक्ष मोहम्मद मसऊदी-निया ने बताया कि "अरास दिवस" को देश के आधिकारिक कैलेंडर में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि 3 सितंबर को शहीदों की याद में विशेष कार्यक्रम और 6 सितंबर को पैदल यात्रा आयोजित की जाएगी।
उन्होंने पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की मदद से सामाजिक समस्याओं पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की जानकारी दी। साथ ही सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों के लिए मोशन ग्राफिक्स तथा छोटे वीडियो तैयार किए जाएंगे।
बैठक में यह भी कहा गया कि युवाओं के खाली समय के कार्यक्रमों में प्रतिभा पहचानने और रोजगार के अवसर पैदा करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।