हिब्रू भाषा के दैनिक येदिओत अहरोनोत ने ईरान के खिलाफ आर्थिक युद्ध के संभावित वैश्विक प्रभावों को लेकर चेतावनी दी है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ईरान पर आर्थिक दबाव के एक नए चरण की शुरुआत की है, जिसे ‘आर्थिक अलगाव अभियान’ कहा गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वाशिंगटन उन देशों और संस्थाओं पर दबाव बनाने का इरादा रखता है, जो ईरान के साथ आर्थिक सहयोग जारी रखे हुए हैं।
अखबार ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंध लागू करने से इस देश की सीमाओं के बाहर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकते हैं। यदि अमेरिका ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने के कारण चीन, रूस, मलेशिया, पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों को भी निशाना बनाता है, तो आर्थिक युद्ध नियंत्रण से बाहर हो सकता है और ‘सबके खिलाफ सबकी वैश्विक आर्थिक जंग’ में बदल सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐतिहासिक अनुभव बताते हैं कि सरकारें ज़रूरी नहीं कि प्रतिबंधों के सामने हथियार डाल दें। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि आर्थिक दबाव तेहरान को युद्ध समाप्त करने या अपनी नीतियों में बदलाव के लिए मज़बूर कर पाएगा।