हज़रत रसूलुल्लाह स.ल.व. और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम की विलादत-ए-बासआदत की वर्षगांठ के अवसर पर मज़हबी संगठनों और प्रांतीय धार्मिक समितियों के प्रतिनिधियों ने देश में इन संगठनों के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम बाबाखानी की मौजूदगी में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मदी लायिनी से मुलाकात की।
इस मुलाकात में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मद बाक़िर मुहम्मदी लायिनी ने कहा कि बसीरत और दृढ़ता इस्लामी व्यवस्था की स्थिरता का रहस्य हैं। आज समाज की एकता के खिलाफ कोई बात नहीं कही जानी चाहिए।
सरी के इमाम ए जुमा ने कहा कि इस्लाम के इतिहास से पता चलता है कि अगर कोई रहबर बसीरत और दृढ़ता के उच्चतम स्तर पर भी हो, लेकिन समाज के लोग और प्रभावशाली वर्ग इस रास्ते में उनका साथ न दें, तो इस्लामी व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
मजलिस-ए-ख़ुबरेगान-ए-रहबरी में मज़ंदरान प्रांत के प्रतिनिधि ने कहा कि आज सौभाग्य से हमारे पास एक बसीरत रहबर हैं और हमारी जनता ने भी साबित किया है कि वह उत्साह के साथ सक्रिय और मैदान में मौजूद है।
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मदी लायिनी ने कहा कि ख़ालिक़ की रज़ामंदी को मख़लूक़ की रज़ामंदी पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऐसी कोई बात नहीं कही जानी चाहिए जो समाज की एकता के खिलाफ हो या इस्लामी व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाए।
उन्होंने कहा कि सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है, लेकिन अफसोस कि कुछ नासालिह लोगों के आसपास रहने वाले व्यक्ति अनावश्यक विवाद और समस्याएं पैदा कर रहे हैं। इस रवैये को सुधारने की जरूरत है। जिम्मेदार लोगों को सावधान रहना चाहिए ताकि ऐसे व्यक्ति अपनी गतिविधियों के जरिए सरकार की मेहनत और उसकी सेवाओं पर सवालिया निशान न लगाएं।