Print this page

न्यायपालिका की प्राथमिकता;जनता में विश्वास पैदा करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना

Rate this item
(0 votes)
न्यायपालिका की प्राथमिकता;जनता में विश्वास पैदा करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना

हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन सैयद अहमद रज़ा शाहरुख़ी ने न्यायपालिका के महत्वपूर्ण स्थान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़ाव और कार्य में ईमानदारी ऐसे महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर न्यायपालिका में विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के संस्थापक और वर्तमान नेतृत्व ने न्यायपालिका की भूमिका और उसके दायित्वों को स्पष्ट करते हुए कई जिम्मेदारियों और आवश्यकताओं पर ज़ोर दिया है। इन पर ध्यान देने से न्यायपालिका के प्रदर्शन में सुधार और जनता की संतुष्टि बढ़ाने का रास्ता तैयार हो सकता है।

ख़ुर्रमाबाद के इमाम-ए-जुमआ ने कहा कि न्यायपालिका विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती है। समाज में सत्ता एवं प्रशासनिक मजबूती, सुरक्षा, भौतिक और आध्यात्मिक प्रगति तथा नैतिक विकास सुनिश्चित करने में इसकी अहम भूमिका है।

हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन शाहरुख़ी ने जनता का विश्वास हासिल करने को न्यायपालिका की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक बताते हुए कहा कि आम लोगों को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा महसूस होना चाहिए। उन्हें यह विश्वास होना चाहिए कि अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे न्यायपालिका से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करने के उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ गंभीर कार्रवाई, क्रांतिकारी एवं सामाजिक समूहों के साथ नियमित और त्रैमासिक बैठकें तथा न्यायिक ज्ञान में वृद्धि ऐसे कदम हैं, जो जनता का विश्वास बढ़ाने और न्यायपालिका की प्रतिष्ठा मजबूत करने में प्रभावी हो सकते हैं।

लुरिस्तान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने उम्मीद जताई कि प्रांत की न्यायपालिका अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाएगी और जनता के विश्वास को मज़बूत करने तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पहले से अधिक प्रभावी कदम उठाएगी।

अंत में हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन शाहरुख़ी ने लुरिस्तान के नए न्यायपालिका प्रमुख के लिए सफलता की कामना की और पूर्व न्यायपालिका प्रमुख की सेवाओं एवं प्रयासों की सराहना की।

Read 3 times