ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने मार्को रुबियो के बेबुनियाद दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, अंसारुल्लाह एक स्वतंत्र पक्ष है, जो ख़ुद अपने फैसले लेता है। वह न तो किसी से निर्देश लेता है और न ही किसी अन्य का प्रतिनिधि या प्रॉक्सी है। उन्होंने कहा कि यमन में शांति, बमबारी और बाहरी दबाव के ज़रिए हासिल नहीं की जा सकती।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने आज 11 सितंबर 2026 को यमन के मामले में ईरान के हस्तक्षेप को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बेबुनियाद दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए एक संदेश में लिखा,मार्को रुबियो के झूठ वास्तविकता की जगह नहीं ले सकता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने एक बेबुनियाद बयान में दावा किया था कि “ईरान का हाथ हूती (अंसारुल्लाह) के सऊदी अरब पर किए गए कई हमलों के पीछे है।उन्होंने सऊदी अरब के साथ अमेरिका के रक्षा संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा था कि अमेरिका यमन के घटनाक्रम पर करीबी नज़र रख रहा है।
इस संबंध में बक़ाई ने कहा,अंसारुल्लाह एक स्वतंत्र पक्ष है, जो ख़ुद फैसले करता है। वह न तो किसी से निर्देश लेता है और न ही किसी अन्य का प्रॉक्सी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता की जड़ों को अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेपों और उसकी वर्चस्ववादी नीतियों में तलाशना चाहिए।
बक़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा,अगर वॉशिंगटन वास्तव में शांति चाहता है, तो उसे केवल एक सरल क़दम उठाना चाहिए: हमारे क्षेत्र में अपनी दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों और अस्थिरता पैदा करने वाले हस्तक्षेपों को समाप्त कर देना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया,यमन में शांति बमों और बाहरी दबाव के ज़रिए हासिल नहीं होगी। शांति की शुरुआत दोनों पक्षों के बीच सहमत रोडमैप के आधार पर ईमानदार वार्ता से होती है।