यमन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब ने यमन के खिलाफ जारी युद्ध के दौरान देशभर में 1,200 से अधिक मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया।
अंसारुल्लाह की राजनीतिक परिषद के सदस्य हिजाम अल-असद ने बताया कि सऊदी हमलों के दौरान केवल सअदा प्रांत में ही 303 मस्जिदें ध्वस्त की गईं।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी अरब ने हाल के दिनों में यमन के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा है कि अंसारुल्लाह मक्का मुकर्रमा और मदीना मुनव्वरा के पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
यमन के सरकारी सैन्य सूत्रों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये बयान झूठ और सऊदी प्रचार का हिस्सा हैं। हिजाम अल-असद ने कहा कि यमन के खिलाफ कई वर्षों से जारी युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने देशभर में 1,200 से अधिक मस्जिदों को ध्वस्त किया।
इस बीच, यमनी उलेमा ने एक बयान जारी कर यमनी सशस्त्र बलों द्वारा मक्का मुकर्रमा को निशाना बनाए जाने संबंधी सऊदी दावे को सख्ती से खारिज किया। यमनी मीडिया के अनुसार, उलेमा ने कहा कि मक्का को निशाना बनाने से संबंधित सऊदी अरब के आरोप बेबुनियाद हैं और उनका उद्देश्य तथ्यों को विकृत करना है।
बयान में चेतावनी दी गई कि यमन के खिलाफ किसी भी देश की आक्रामकता से ज़ायोनी दुश्मन को पवित्र स्थलों को निशाना बनाने और मुसलमानों के बीच मतभेद पैदा करने का अवसर मिल सकता है।
यमनी उलेमा ने हरमैन शरीफैन को राजनीतिक और औपनिवेशिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने की भी निंदा की और इसे पूरे इस्लामी जगत के हितों के खिलाफ बताया।