हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन अब्बासी ने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों के दौरान सर्वोच्च नेता, शहीद नेता के पूर्ण सहयोगी रहे हैं और उन्हें देश के सभी मामलों की पूरी जानकारी है।
जामिअतुल मुस्तफा अल-आलमिया के प्रमुख और विशेषज्ञों की सभा के सदस्य हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन अली अब्बासी ने कृषि मंत्रालय में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की एक बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस्लामी क्रांति के तीसरे नेता आयतुल्लाह सैयद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई के विचारों और व्यावहारिक जीवन पर प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों की सभा के सदस्य ने युद्ध के दिनों में तमाम खतरों और प्रतिबंधों के बावजूद इस्लामी क्रांति के तीसरे नेता के चयन की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से युद्ध की परिस्थितियों के बावजूद इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता का चयन विशेषज्ञों की सभा के सदस्यों की मौजूदगी में कानूनी और पारदर्शी तरीके से हुआ। आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई को राष्ट्र के प्रतिनिधियों के स्पष्ट बहुमत के वोट से इस्लामी क्रांति के तीसरे नेता के रूप में चुना गया।
हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन अब्बासी ने विद्वानों और वरिष्ठ धार्मिक विद्वानों द्वारा इस चयन के समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि क्रांति के नेता की शहादत की खबर सामने आने के शुरुआती घंटों में ही कई विद्वानों ने विशेषज्ञों की सभा के सदस्यों को भेजे गए अपने संदेशों में आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई के चयन का समर्थन किया। आधिकारिक घोषणा के बाद भी कई बयान जारी करके इस चयन का समर्थन किया गया और इसके लिए आभार व्यक्त किया गया।
उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में क्रांति के नेता तक पहुंच की सीमाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है, जिसमें विशेषज्ञों की सभा के सदस्य भी शामिल हैं, कि हम उनकी मौजूदगी और उनके अधिकारों के प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक परिस्थितियां उपलब्ध कराएं।
जामिअतुल मुस्तफा के प्रमुख ने नेता के चयन के लिए फ़क़ाहत, साहस, प्रबंधन क्षमता, न्याय और अन्य विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेषज्ञों की सभा की विभिन्न बैठकों में इन सभी विशेषताओं पर चर्चा और आपसी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि फ़क़ाहत के संबंध में सर्वोच्च नेता को लगभग 17 वर्षों तक उच्च स्तरीय धार्मिक शिक्षा देने का अनुभव प्राप्त है। न्याय और तकवा के मामले में भी हमारे पास ठोस प्रमाण मौजूद हैं, जो उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग करते हैं। तकवा, ज़ुह्द, नैतिक गुणों और दुनिया से विरक्ति के मामले में उनका व्यक्तित्व हमारे लिए पहले से ही स्पष्ट था।
उन्होंने आगे कहा कि मामलों की पूरी जानकारी के दृष्टिकोण से सर्वोच्च नेता पिछले लगभग दस वर्षों के दौरान शहीद नेता के पूर्ण सहयोगी रहे हैं और उन्हें देश के सभी मामलों तथा उनकी बारीकियों की पूरी जानकारी है।
हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन अब्बासी ने नेतृत्व के लिए आवश्यक विशेषताओं में साहस और निर्णय लेने की क्षमता को भी शामिल करते हुए कहा कि यदि नेतृत्व की शर्तों की जांच के दौरान कोई व्यक्ति निर्णय लेते समय विभिन्न प्रकार की चिंताओं और आशंकाओं से घिरा रहे, तो निश्चित रूप से उसकी तुलना ऐसे व्यक्ति से नहीं की जा सकती जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी निर्णय लेने की क्षमता रखता हो।