उस्ताद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने आयतुल्लाहिल अज़्मा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह महान फ़क़ीह क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया के वैज्ञानिक और नैतिक स्तंभों में से थे तथा समकालीन फ़िक़्ह के प्रमुख और स्थायी चेहरों में उनका स्थान था।
तेहरान में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन अंसारियान ने आयतुल्लाहिल अज़्मा हाज सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन पर एक शोक संदेश जारी किया हैं।
संदेश का पूरा पाठ इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाह के नेक बंदे, विद्वान फ़क़ीह और शिया जगत के महान मरजा ए तक़लीद, हज़रत आयतुल्लाहिल अज़्मा हाज सय्यद मूसा शुबैरी ज़ंजानी के निधन से गहरा दुःख और अफ़सोस हुआ।
उस महान फ़क़ीह ने अपना पूरा जीवन अहले-बैत (अ.स.) की शिक्षाओं और धार्मिक ज्ञान में गहरी समझ हासिल करने, विद्वानों और फ़ुज़ला की शिक्षा-दीक्षा तथा हौज़ा-ए-इल्मिया की वैज्ञानिक विरासत की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया।
वे क़ुम के हौज़ा-ए-इल्मिया के वैज्ञानिक और नैतिक स्तंभों में से थे तथा समकालीन फ़िक़्ह के प्रमुख और स्थायी चेहरों में उनका विशेष स्थान था।
मैं इस महान त्रासदी पर हज़रत वली-ए-अस्र अज्जलल्लाहु तआला फ़रजहुश्शरीफ़ हौज़ा-ए-इल्मिया, उनके शागिर्दों और श्रद्धालुओं तथा विशेष रूप से उनके सम्मानित परिवार की सेवा में हार्दिक संवेदना और ताज़ियत पेश करता हूँ।
अल्लाह तआला की बारगाह में दुआ है कि वह इस महान आलिम को बुलंद दर्जात अता फरमाए, उन्हें हज़रत मुहम्मद (स.ल.) और उनकी पाक आल (अ.) के साथ महशूर फरमाए और उनके सम्मानित परिजनों को सब्र-ए-जमील और अज्र-ए-अज़ीम प्रदान करे।
हुसैन अंसारियान