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ज़ायरीन को रोकना अमेरिका इज़राइल के आदेशों का पालन

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ज़ायरीन को रोकना अमेरिका इज़राइल के आदेशों का पालन

 नुजबा की कार्यकारी परिषद के प्रमुख शेख़ नाज़िम अल-सईदी ने ईरान से आने वाली उड़ानों के प्रवेश पर रोक लगाने के अमेरिकी फैसले के साथ इराकी सरकार की सहमति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

,नुजबा की कार्यकारी परिषद के प्रमुख शेख़ नाज़िम अल-सईदी ने ईरान से आने वाली उड़ानों के प्रवेश पर रोक लगाने के अमेरिकी फैसले के साथ इराकी सरकार की सहमति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

अंतरराष्ट्रीय सेवा, हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शेख़ नाज़िम अल-सईदी ने ईरानी उड़ानों को इराक में प्रवेश से रोकने के अमेरिकी फैसले में इराकी सरकार के साथ देने पर कड़ा बयान जारी किया।

बयान में कहा गया,हम डोनाल्ड ट्रंप के उस अन्यायपूर्ण फैसले में इराक के शामिल होने का दृढ़ विरोध करते हैं, जिसके तहत हज़रत अली इब्ने अबी तालिब (अ.स.) के चाहने वालों की घेराबंदी की जा रही है।

हम हवाई अड्डों पर जारी उन निर्देशों का भी विरोध करते हैं, जिनके तहत पवित्र स्थलों की ज़ियारत के लिए आने वाले ज़ायरीन के प्रवेश को रोका जा रहा है।

ज़ायोनी अमेरिकी दुश्मन की मांगों को स्वीकार करना और उसके निर्देशों के आगे झुकना, इराक की संप्रभुता तथा स्वतंत्र राजनीतिक निर्णय लेने के दावे के बिल्कुल विपरीत है।

क्या इराक एक ऐसा आश्रित राज्य बन गया है, जो बिना किसी शर्त के राजनीतिक और आर्थिक मांगों को स्वीकार करता है?!

हम धार्मिक संस्थाओं, कबीलों और हुसैनी मोवकिब के संचालकों से अपील करते हैं कि मुस्लिम राष्ट्रों पर थोपी गई इस अन्यायपूर्ण घेराबंदी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाएं।

हम राजनीतिक समूहों को चेतावनी देते हैं कि मुस्लिम राष्ट्रों की घेराबंदी में शामिल होना एक बड़ी गलती है। इसके गंभीर परिणामों को समझना चाहिए और इसे मामूली नहीं समझना चाहिए।

उन अफवाह फैलाने वालों की बात नहीं माननी चाहिए, जो इस दौर के फ़िरऔन के सामने आत्मसमर्पण करने और सिर झुकाने की आवश्यकता का प्रचार करते हैं।

अंत में इमाम रज़ा अ.स.के एक रिवायत का उल्लेख किया गया है,हम अहले-बैत से प्रेम का दावा करने वालों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनका फितना हमारे शियाओं के लिए दज्जाल से भी अधिक कठिन है।

पूछा गया: ऐसा क्यों?

इमाम (अ.) ने फ़रमाया: “हमारे दुश्मनों से दोस्ती करने और हमारे दोस्तों से दुश्मनी रखने के कारण।

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