हिंदुस्तान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इदारा-ए-इस्लाह लखनऊ का दौरा किया, जहां संस्था के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
हिंदुस्तान में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इदारा-ए-इस्लाह लखनऊ का दौरा किया, जहां संस्था के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना हसन असकरी मुबारकपुरी ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की और मेहमान-ए-खास की सेवा में स्वागत-पत्र पेश किया।
शहीद-ए-उम्मत और रहबर-ए-मुअज़्ज़म की प्रशंसा में नाज़मिया अरबी कॉलेज लखनऊ के शिक्षक मौलाना मुहम्मद हसनैन रिज़वी ने बेहतरीन क़तआत और रुबाइयां पेश कीं।
इस अवसर पर इदारा-ए-इस्लाह लखनऊ की ओर से वर्ष 2026 में प्रकाशित विशेष अंकों ‘कहकशां-ए-शहीद-ए-उम्मत’, ‘ग़ुंचा-ए-चमन-ए-रसूल’, ‘याद-ए-औज-ए-इस्लाह’, ‘मुहर्रम’, ‘आज़ादी-ए-हिंद’ और ‘फ़ख़्रुल हुकमा’ का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर प्रतिनिधि वली-ए-फ़क़ीह हिंद हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लेमीन अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इदारा-ए-इस्लाह लखनऊ के प्रमुख की सराहना करते हुए कहा कि सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मैं वह सेवा नहीं कर पा रहा हूं, जो कठिनाइयों और परेशानियों के बावजूद संस्था के प्रमुख द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह उनकी विनम्रता है कि वे अपने दायित्वों को जिस तरह निभा रहे हैं, उसकी प्रशंसा हर कोई कर रहा है।


