Print this page

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सलमान हैदर के निधन पर भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि का शोक संदेश

Rate this item
(0 votes)
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सलमान हैदर के निधन पर भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि का शोक संदेश

भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अब्दुलमजीद हकीम इलाही ने प्रसिद्ध धर्मगुरु और समर्पित प्रचारक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सलमान हैदर के निधन पर गहरे दुख और शोक का इजहार करते हुए उनके परिवार, उलमा व फुज़ला, छात्रों, शिष्यों और सभी श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।

 भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अब्दुलमजीद हकीम इलाही ने प्रसिद्ध धर्मगुरु और समर्पित प्रचारक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सलमान हैदर के निधन पर गहरे दुख और शोक का इजहार करते हुए उनके परिवार, उलमा व फुज़ला, छात्रों, शिष्यों और सभी श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।

अपने शोक संदेश में भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि ने दिवंगत मौलाना सलमान हैदर की शैक्षिक, धार्मिक और प्रचार संबंधी सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा:

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

मकतब-ए-अहले-बैत अलैहिमुस्सलाम के समर्पित सेवक, इस्लाम धर्म के वफादार प्रचारक और भारत में इस्लामी शिक्षाओं के प्रसार के लिए सक्रिय धर्मगुरु हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सलमान हैदर रिजवानुल्लाह तआला अलैह के निधन की खबर से दिली दुख और शोक हुआ।

दिवंगत ने अपना पूरा जीवन धार्मिक ज्ञान प्राप्त करने और उसे पढ़ाने, इस्लामी शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार तथा छात्रों और युवा पीढ़ी की धार्मिक एवं नैतिक तरबीयत के लिए समर्पित कर दिया था।

मौलाना सलमान हैदर रिजवानुल्लाह तआला अलैह इस्लामी क्रांति के समर्थकों, हज़रत इमाम खुमैनी (र) के अनुयायियों और इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली खामेनेई (र) के समर्पित प्रशंसक और उनके विचारों तथा आदर्शों से जुड़े हुए व्यक्ति थे। उन्होंने भारत में इस्लामी क्रांति के संदेश, इस्लामी मूल्यों और मकतब-ए-अहले-बैत अलैहिमुस्सलाम की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा और प्रयास के साथ निभाईं।

दिवंगत की धार्मिक, शैक्षिक और प्रचार संबंधी सेवाएं सराहनीय हैं और उनके निधन से भारत के शैक्षिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में एक उल्लेखनीय कमी पैदा हुई है। उनकी बहुमूल्य सेवाओं और धार्मिक संघर्ष को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

हम इस दुखद घटना पर उलमा-ए-इलाम, फुज़ला व छात्रों, शिष्यों, संबंधित लोगों और सभी श्रद्धालुओं की सेवा में संवेदना और शोक व्यक्त करते हुए बारगाह-ए-खुदावंद-ए-मुतआल में दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला दिवंगत को अपनी रहमत और मगफिरत से नवाज़े, उनके दर्जात बुलंद फरमाए, उन्हें हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि व आलेहि वसल्लम और आले-मुहम्मद अलैहिमुस्सलाम के साथ महशूर फरमाए और शोकाकुल परिवार को सब्र-ए-जमील और भरपूर अज्र अता फरमाए।

अब्दुलमजीद हकीम इलाही

भारत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि

Read 1 times