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मुसलमान किसी प्रोपेगेंडा का शिकार न हों और यमन की मज़लूम जनता का समर्थन जारी रखें

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मुसलमान किसी प्रोपेगेंडा का शिकार न हों और यमन की मज़लूम जनता का समर्थन जारी रखें

मजलिस ए उलेमा मक्तब-ए-अहलेबैत की केंद्रीय कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम हसनैन अब्बास गर्देज़ी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दुनिया के मजलूमों, विशेष रूप से लेबनान, फिलिस्तीन और यमन के लोगों के समर्थन पर ज़ोर दिया गया।

मजलिस ए उलेमा मक्तब-ए-अहलेबैत की केंद्रीय कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय अध्यक्ष हुज्जतुल इस्लाम हसनैन अब्बास गर्देज़ी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दुनिया के मजलूमों, विशेष रूप से लेबनान, फिलिस्तीन और यमन के लोगों के समर्थन पर ज़ोर दिया गया।

बैठक में मजलिस-ए-उलेमा मक्तब-ए-अहलेबैत पाकिस्तान की ओर से विशेष रूप से यमन की मजलूम जनता के साथ एकजुटता और समर्थन की घोषणा की गई।

मजलिस ने अपने बयान में कहा कि यमनी जनता इस्लाम, इस्लामी पवित्र स्थलों, काबा और मस्जिदुल हराम के सम्मान तथा मजलूम फिलिस्तीनी जनता के समर्थन की आवाज उठाती रही है। इसलिए मुस्लिम जनता किसी भी प्रोपेगेंडा का शिकार न हो और यमन की मज़लूम जनता का समर्थन जारी रखे।

मजलिस ने पाकिस्तान सरकार से मांग की कि पाकिस्तान किसी ऐसे कदम, नीति या अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया का हिस्सा न बने, जिसके परिणामस्वरूप यमन की मजलूम जनता के खून से पाकिस्तानी राष्ट्र का दामन दागदार हो। पाकिस्तान की विदेश नीति हमेशा शांति, संप्रभुता, मानवाधिकार और मजलूम राष्ट्रों के समर्थन के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए।

मजलिस-ए-उलमा मक्तब-ए-अहलेबैत पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन, यमन, ईरान, लेबनान और दुनिया के अन्य मज़लूम लोगों और राष्ट्रों के प्रति सहानुभूति तथा उनके बुनियादी मानवाधिकारों का समर्थन करना एक नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है।

मजलिस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मांग की कि क्षेत्र में तनाव कम करने, युद्ध समाप्त करने और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमाम-ए-जुमआ को भी निर्देश दिया कि वे शुक्रवार के खुत्बों में दुनिया के मजलूमों, विशेष रूप से यमन की मज़लूम जनता के साथ एकजुटता व्यक्त करें और उनके बुनियादी मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से आवाज उठाएं।

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