मलेशिया के प्रधानमंत्री दातुक सेरी अनवर इब्राहिम ने कहा कि इस्लामी ज्ञान एक बड़ी संपत्ति है। कुआलालंपुर विश्वविद्यालय को युवाओं को इस संपत्ति के और करीब लाना चाहिए।
प्रधानमंत्री दातुक सेरी अनवर इब्राहिम ने अपने संबोधन में कहा कि हम इस्लामी मदरसों की शिक्षा को बेहतर बनाना चाहते हैं और युवा पीढ़ी को इस्लामी ज्ञान की महान संपत्ति से परिचित कराना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यह हमारी व्यापक आबादी के लिए इस बात की गारंटी है कि विकास तभी वास्तविक प्रगति में बदल सकता है, जब उसके साथ ईमान, अच्छे चरित्र और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी हो।
अनवर ने कहा कि हमारे देश के इतिहास को इस्लामी मदरसों से अलग नहीं किया जा सकता। इन मदरसों ने ईमान की रक्षा की, ज्ञान को सुरक्षित रखा और पिछले औपनिवेशिक शासन के दौरान पीढ़ियों को अपनी पहचान बनाए रखने के लिए शिक्षित किया। यही कारण है कि हमें पोंडोक शिक्षा को बेहतर बनाने और युवा पीढ़ी को इस्लामी ज्ञान की महान संपत्ति के और करीब लाने का प्रयास जारी रखना चाहिए।
उन्होंने आज फेसबुक पर एक पोस्ट में भी कहा, "दुनिया चाहे कितनी भी तेजी से बदल जाए, विकास तभी भलाई लेकर आता है, जब वह ईमान, अच्छे चरित्र और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी की भावना से निर्देशित हो।"