नेतन्याहू द्वारा अमीरात के विमान से जुड़े मामले में किए गए कथित ‘हॉलीवुड शैली के प्रदर्शन’ का अब उन पर उल्टा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।
इज़राइली समाचार पत्र ‘इज़राइल हयोम’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कई इज़राइली नेताओं ने विमान के अंदर धारदार हथियार पहुंचने में सफलता मिलने के कारणों पर विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग की है।
रिपोर्ट की शुरुआत में कहा गया है कि संगठन ‘बाहद’ के प्रमुख ने हमले के प्रयास के बाद जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की। वहीं, कैरिन टर्नर ने इज़राइल की परिवहन मंत्री मेरी रेगेव पर निशाना साधा। गादी आइज़ेनकोट ने भी कहा कि जो लोग जांच से बचते हैं और अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं, वे अगली बड़ी त्रासदी को रोक नहीं पाएंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री और तथाकथित ‘यूनिटी’ पार्टी के प्रमुख नफ्ताली बेनेट ने ‘फ्लाई दुबई’ की उड़ान पर हमले के प्रयास के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और परिवहन मंत्री मेरी रेगेव के खिलाफ कड़ा हमला बोला।
बेनेट ने कहा कि सरकार इस घटना के पीछे हुई लापरवाहियों की पर्याप्त जांच नहीं कर रही है। उन्होंने तेल अवीव जाने वाली उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही की मांग की और कहा, “हम वास्तव में बहादुर हैं, लेकिन सरकार की लापरवाही भयावह और चौंकाने वाली है।
बेनेट के अनुसार, “हर समझदार सरकार को इस घटना से ऐसे निपटना चाहिए था, जैसे कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो और उसमें 174 इज़राइली मारे गए हों। हर वह प्रधानमंत्री जो इज़राइल की सुरक्षा को महत्व देता है, उसे परिवहन मंत्री से जवाब मांगना चाहिए था और उन्हें तत्काल पद से हटा देना चाहिए था।
‘यूनिटी’ पार्टी के प्रमुख ने कई सवाल उठाए, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इज़राइल जाने वाली हवाई यात्रा सुरक्षित है या खतरनाक? क्या हाल में ईरानी मूल के पायलटों ने इज़राइल के लिए उड़ानें भरी हैं? और सरकार ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए अभी क्या कदम उठा रही है?
बेनेट ने इस घटना को 7 अक्टूबर यानी ‘तूफान अल-अक्सा’ अभियान से जोड़ते हुए कहा कि विमान से जुड़ी इस विफलता और 7 अक्टूबर की विफलता के बीच सीधा संबंध है। उनके अनुसार, नेतन्याहू और उनके मंत्रियों के अहंकार के कारण वे अपनी जिम्मेदारियों से दूर हो गए हैं और इज़राइल की सुरक्षा को खतरे में छोड़ दिया है।
गादी आइज़ेनकोट, जो ‘याशर’ पार्टी के प्रमुख हैं, भी इन आलोचनाओं में शामिल हो गए। उन्होंने परिवहन मंत्री मेरी रेगेव को बर्खास्त करने और इस विफलता की जांच के लिए एक स्वतंत्र एवं बाहरी जांच समिति गठित करने की मांग की।
आइज़ेनकोट ने कहा, “एक स्वस्थ और सुधारित सरकार में परिवहन मंत्री को कल रात ही अपना इस्तीफा दे देना चाहिए था और यदि वह ऐसा नहीं करतीं, तो प्रधानमंत्री को उन्हें तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए था।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को उसी दिन एक मजबूत और स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का आदेश देना चाहिए था तथा इस मामले से जुड़े सभी अधिकारियों से जवाबदेही तय करनी चाहिए थी।
आइज़ेनकोट ने भी इस घटना को 7 अक्टूबर की विफलताओं से जोड़ते हुए कहा कि 7 अक्टूबर की विफलता और वर्तमान विफलता के बीच एक पतली कड़ी मौजूद है और वह है झूठ, पर्दादारी और जिम्मेदारी से बचने की संस्कृति, जिसे बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मंत्रियों ने संस्थागत रूप दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 7 अक्टूबर से कुछ भी नहीं सीखा है।
पूर्व परिवहन मंत्रालय की महानिदेशक और ‘साथ-साथ’ पार्टी की उम्मीदवार कैरिन टर्नर ने भी मेरी रेगेव पर हमला करते हुए कहा, इस लापरवाही के लिए एक स्पष्ट जिम्मेदार व्यक्ति है उसका नाम मेरी रेगेव है।
बेनेट और टर्नर ने अपने बयानों के अंत में राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में उनका दल मौजूदा सरकार को हटाने और उसकी जगह नई सरकार बनाने के लिए प्रयास करेगा।