तेहरान में भारत के राजदूत विश्वेश नेगी ने कहा कि क़ुम अल मुक़द्दस में अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों की स्थिति से अवगत होना तथा उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाना उनके क़ुम दौरे का मुख्य उद्देश्य है।
तेहरान में भारत के राजदूत विश्वेश नेगी ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ क़ुम अल मुक़द्दस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए छात्रों से मुलाक़ात की और उनकी शैक्षिक तथा दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने हज़रत फ़ातिमा मासूमा (स.) के हरम की ज़ियारत भी की।
हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के प्रतिनिधि से बातचीत करते हुए विश्वेश नेगी ने कहा कि क़ुम आने का उनका मुख्य उद्देश्य यहाँ शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों से मिलना, उनकी परिस्थितियों को समझना तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी हासिल करना है। क़ुम का यह उनका पहला दौरा है और वह छात्रों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए एक मज़बूत व्यवस्था स्थापित करना चाहते हैं।
उन्होंने पिछले वर्ष युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों के साथ संपर्क बनाए रखने, उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त करने तथा उन्हें सुरक्षित निकालने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से स्पष्ट हुआ कि छात्रों के साथ निरंतर संपर्क भारत और ईरान के बीच सहयोग को और मज़बूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारतीय राजदूत ने बताया कि उनकी जामेअतुल मुस्तफ़ा अल-आलमिया के प्रमुख से मुलाक़ात भी निर्धारित है। इस मुलाक़ात में वह भारतीय छात्रों की ओर से सामने आई समस्याओं, माँगों और सुझावों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगे, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके और उनके संभावित समाधान तलाशे जा सकें।
विश्वेश नेगी ने ज़ोर देकर कहा कि उनका क़ुम दौरा केवल एक औपचारिक मुलाक़ात तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय छात्रों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना चाहते हैं। उनके अनुसार, क़ुम और भारत के बीच धार्मिक, विद्वतापूर्ण और शैक्षिक क्षेत्रों में लंबे समय से संबंध रहे हैं। भारतीय छात्र भी कई वर्षों से यहाँ धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने महसूस किया है कि यहाँ के लोगों के दिलों में भारत के प्रति प्रेम और सद्भावना है तथा वे भारत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखने के इच्छुक हैं। क़ुम अल मुक़द्दस भी धार्मिक शिक्षा और शैक्षिक एवं विद्वतापूर्ण संबंधों के लिहाज़ से भारत और ईरान के बीच विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों के कल्याण, उनकी समस्याओं की पहचान और उनकी आवाज़ संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। वह जामेअतुल मुस्तफ़ा अल-आलमिया और अन्य संबंधित संस्थानों के सहयोग से छात्रों की समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं।
विश्वेश नेगी ने अंत में कहा कि वह इस संपर्क को केवल एक बार के दौरे तक सीमित नहीं रखना चाहते। यदि भविष्य में उनके लिए स्वयं क़ुम आना संभव नहीं हुआ, तो भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी इस सिलसिले को आगे बढ़ाते रहेंगे, ताकि भारतीय छात्रों के साथ संपर्क बना रहे और उनकी आवश्यकताओं पर लगातार ध्यान दिया जा सके।

