क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के कार्यवाहक निदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हमीद मलिकी ने कहा कि ‘जाने फ़िदा’ अभियान केवल एक नारा या जोश भरा दावा नहीं है, बल्कि यह देश की रक्षा के लिए जनता की वास्तविक तैयारी और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। दुश्मन के इरादों को नाकाम करने के लिए रक्षा क्षमता और जनप्रतिरोध को मज़बूत बनाना आवश्यक है।
क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के कार्यवाहक निदेशक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हमीद मलिकी ने कहा कि ‘जान फ़िदा’ अभियान केवल एक नारा या जोश भरा दावा नहीं है, बल्कि यह देश की रक्षा के लिए जनता की वास्तविक तैयारी और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है। दुश्मन के इरादों को नाकाम करने के लिए रक्षा क्षमता और जनप्रतिरोध को मज़बूत बनाना आवश्यक है।
ईरान के पवित्र शहर क़ुम में ‘जाने फ़िदा’ कार्यक्रमों के सिलसिले में आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए हमीद मलिकी ने कहा कि संवेदनशील परिस्थितियों में ईरानी जनता की मैदानों में मौजूदगी इस बात का संकेत है कि जनआंदोलन और ईश्वरीय आंदोलन की निरंतरता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की हिफाज़त के लिए जनता की क्षमताओं को व्यवस्थित और सक्रिय बनाए रखना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
हमीद मलिकी ने कहा कि ‘जाने फ़िदा’ अभियान में ईरानी जनता द्वारा बड़े पैमाने पर पंजीकरण कराना और संवेदनशील अवसरों पर व्यावहारिक रूप से अपनी मौजूदगी दर्ज कराना इस बात का प्रमाण है कि मातृभूमि की रक्षा का जज़्बा केवल मौखिक दावों तक सीमित नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि जब कोई राष्ट्र जागरूकता, दूरदर्शिता और एकता के साथ अपनी रक्षा के लिए तैयार होता है, तो दुश्मन के लिए आक्रामकता और धमकियों के माध्यम से अपने उद्देश्यों को हासिल करना कठिन हो जाता है। इसलिए जनता की तैयारी को प्रभावी रक्षात्मक शक्ति में बदलना जरूरी है।
क़ुम के हौज़ा ए इल्मिया के कार्यवाहक निदेशक ने कहा कि जनशक्ति को प्रभावी बनाए रखने के लिए निरंतर तैयारी, संगठनात्मक व्यवस्थाओं में सुधार और बदलती परिस्थितियों तथा आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि ज़रूरत पड़ने पर जनता समय पर और प्रभावी भूमिका निभा सके।
उन्होंने इस्लामी गणराज्य ईरान द्वारा महवर-ए-मुकावमत को दिए जा रहे समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान ऐतिहासिक दौर में प्रत्येक व्यक्ति और संस्था को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार देश तथा उसके मूल्यों की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।
अंत में हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हमीद मलिकी ने संबंधित अधिकारियों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से ‘जाने फ़िदा’ कार्यक्रमों में गंभीरता से भाग लेने तथा जनता की तैयारी और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिस तरह शहीदों ने अपनी क्षमता के अनुसार कुर्बानियां पेश कीं, उसी तरह आज प्रत्येक व्यक्ति को भी अपनी योग्यता और सामर्थ्य के अनुसार देश तथा उसके मूल्यों की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।