सना में यमन की "परिवर्तन और निर्माण" सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सऊदी लड़ाकू विमानों द्वारा अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों पर हमले पर प्रतिक्रिया में एक बयान में इसे अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार रात तइज़ प्रांत के अल-शमायतीन जिले में स्थित स्त्री रोग एवं प्रसूति अस्पताल को सऊदी लड़ाकू विमानों द्वारा निशाना बनाए जाने और अस्पताल के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाए जाने की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इस हमले को स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसकी आलोचना की।
यमनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह हमला यमनी जनता को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने के उसके सबसे बुनियादी अधिकार से वंचित करने की सऊदी अरब की नीति को दर्शाता है। मंत्रालय के अनुसार, अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को निशाना बनाए जाने से आम नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अस्पताल और चिकित्सा केंद्र युद्ध के दौरान भी नागरिकों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे संस्थानों पर हमले से मरीजों को समय पर इलाज मिलने में बाधा उत्पन्न होती है और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित होता है। उसने स्वास्थ्य संस्थानों, चिकित्सा कर्मियों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यमनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संबंधित मानवाधिकार संगठनों से इस घटना का संज्ञान लेने तथा अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता है और स्वास्थ्य संस्थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।