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यमन की अमानवीय नाकेबंदी में शामिल यूरोप ईरान पर आरोप लगाना बंद करे

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यमन की अमानवीय नाकेबंदी में शामिल यूरोप ईरान पर आरोप लगाना बंद करे

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने यमन और सऊदी अरब के बीच जारी संघर्ष में ईरान की कथित भूमिका को लेकर यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास के निराधार आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ स्वयं यमनी जनता के खिलाफ प्रतिबंधों और आर्थिक नाकेबंदी में शामिल होकर यमन में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का भागीदार बना हुआ है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने यमन और सऊदी अरब के बीच जारी संघर्ष में ईरान की कथित भूमिका को लेकर यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास के निराधार आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ स्वयं यमनी जनता के खिलाफ प्रतिबंधों और आर्थिक नाकेबंदी में शामिल होकर यमन में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का भागीदार बना हुआ है।

इस्माईल बक़ाई ने कहा कि यूरोपीय अधिकारी दूसरों पर आरोप लगाकर और वास्तविकता से ध्यान हटाने वाले बयान देकर अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकते।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यमन में ईरानी सैन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी से जुड़े दावों का भी कड़े शब्दों में खंडन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने का उद्देश्य वास्तविक तथ्यों को छिपाना और जनमत को गुमराह करना है।

बक़ाई ने आगे कहा कि यमनी राष्ट्र यह साबित कर चुका है कि उसके पास अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और मानवीय गरिमा की रक्षा करने के लिए आवश्यक क्षमता, अनुभव, साहस और दृढ़ संकल्प मौजूद है। इस रास्ते पर उसे किसी भी पक्ष के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने यमन के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से नागरिक प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों और रिहायशी इलाकों पर किए गए सैन्य हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इन हमलों में 270 से अधिक यमनी नागरिक शहीद हुए हैं, जिनमें 130 बच्चे और महिलाएं शामिल हैं, जबकि 650 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन हमलों में बुनियादी ढांचे और आम नागरिकों के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने यमन की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ जारी आक्रामकता को तत्काल रोकने की मांग की।

अरब प्रायद्वीप में जारी संघर्षों के संबंध में ईरान के सैद्धांतिक रुख को दोहराते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सैन्य हमलों को समाप्त करना, यमनी जनता के आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करना, यमन की समुद्री और हवाई नाकेबंदी खत्म करना तथा यमन और सऊदी अरब के बीच तय रोडमैप के आधार पर बातचीत आगे बढ़ाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में इस्लामी गणराज्य ईरान हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तैयार है।

बक़ाई ने यमन की अमानवीय नाकेबंदी को उचित ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लगातार दुरुपयोग की आलोचना की। उन्होंने सैन्य हमलों को तत्काल रोकने, व्यापक नाकेबंदी समाप्त करने तथा यमन के खिलाफ लगाए गए अवैध प्रतिबंधों और पाबंदियों को हटाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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