हौज़ा ए इल्मिया में प्रवेश का अर्थ है धर्म और समाज की सेवा करना

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हौज़ा ए इल्मिया में प्रवेश का अर्थ है धर्म और समाज की सेवा करना

हौज़ा ए इल्मिया के शैक्षिक मामलों के प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अबुल क़ासिम मुक़ीमी हाजी ने कहा कि हौज़ा में प्रवेश लेना केवल एक शैक्षिक विकल्प नहीं है, बल्कि इस्लाम, अहलुलबैत (अ.स.) की शिक्षाओं और जनता की सेवा के लिए एक पवित्र ज़िम्मेदारी स्वीकार करना है।

हौज़ा ए इल्मिया के शैक्षिक मामलों के प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अबुल क़ासिम मुक़ीमी हाजी ने कहा कि हौज़ा में प्रवेश लेना केवल एक शैक्षिक विकल्प नहीं है, बल्कि इस्लाम, अहलुलबैत (अ.स.) की शिक्षाओं और जनता की सेवा के लिए एक पवित्र ज़िम्मेदारी स्वीकार करना है।

उन्होंने कहा कि हौज़ा में प्रवेश करने वाले छात्रों को चाहिए कि वे ईमानदारी, तक़वा, मेहनत और ज्ञानार्जन को अपना जीवन-मंत्र बनाएं, क्योंकि भविष्य में उन्हें समाज की धार्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं को पूरा करने की ज़िम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि हौज़ा ए इल्मिया सदैव ऐसे उलेमा, मुबल्लिग़, शिक्षक और धार्मिक मार्गदर्शक तैयार करता रहा है, जो इस्लामी शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और समाज के वैचारिक मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थी जीवन त्याग, धैर्य और निरंतर आत्मनिर्माण का मार्ग है। इसलिए जो युवा इस राह का चयन करते हैं, उन्हें ज्ञान और कर्म के साथ-साथ अपने नैतिक चरित्र को भी उत्कृष्ट बनाना चाहिए, ताकि वे धर्म का संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचा सकें।

अंत में उन्होंने कहा कि हौज़ा ए इल्मिया में शिक्षा प्राप्त करना एक महान नेमत और ईश्वर की विशेष कृपा है। इसलिए छात्रों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अपनी समस्त क्षमताओं को धर्म, समाज और उम्मत-ए-इस्लामिया की सेवा के लिए समर्पित कर देना चाहिए।

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