हिज़्बुल्लाह के महासचिव शेख़ नईम क़ासिम ने खलील अल-हय्या के हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख चुने जाने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह चयन हमास के संकल्प, दृढ़ता और प्रतिरोध के मार्ग पर अटल रहने का प्रतीक है।
हिज़्बुल्लाह के महासचिव शेख़ नईम क़ासिम ने खलील अल-हय्या के हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख चुने जाने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह चयन हमास के संकल्प, दृढ़ता और प्रतिरोध के मार्ग पर अटल रहने का प्रतीक है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऐसे समय में जब फ़िलिस्तीन, ग़ज़्ज़ा और पूरा क्षेत्र इज़राइल तथा अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों का सामना कर रहा है, खलील अल-हय्या का नेतृत्व संभालना इस बात का प्रमाण है कि हमास शहीद नेताओं के मिशन और प्रतिरोध की राह को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शेख़ नईम क़ासिम ने कहा कि खलील अल-हय्या का लंबा संघर्ष, प्रतिरोध के क्षेत्र का अनुभव और उनके व्यक्तिगत बलिदान इस बात की गारंटी हैं कि वे शेख अहमद यासीन, इस्माईल हनिया, याह्या अल-सनवार तथा अन्य शहीद नेताओं के मार्ग को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह और इस्लामी प्रतिरोध फ़िलिस्तीनी जनता के संघर्ष, उनकी भूमि और अधिकारों की बहाली के उद्देश्य में हमास के साथ खड़े हैं और अपना पूर्ण समर्थन जारी रखेंगे।
शेख़ नईम क़ासिम ने आगे कहा कि इज़राइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों के बावजूद प्रतिरोधी शक्तियाँ डटी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि "तूफ़ान अल-अक़्सा" अभियान के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी इज़राइल अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सका। उनके अनुसार, भारी तबाही और जनहानि के बावजूद प्रतिरोध की भावना और अधिक मजबूत हुई है तथा स्वतंत्रता और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।













