गिलान प्रांत के मदरसा-ए-इल्मिया के प्रबंधन की उपाध्यक्षों की परिषद की बैठक, मदरसों की सर्वोच्च परिषद के सचिवालय के प्रभारी हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन अहमद फर्रुख़ फ़ाल की उपस्थिति में आयोजित हुई।
बैठक में गिलान प्रांत के मदरसा-ए-इल्मिया के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मुहम्मद अमीन नक़दी ने प्रांत के मदरसों की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की और उनकी आवश्यकताओं तथा कमियों का विवरण दिया।उन्होंने कहा कि इस वर्ष गिलान के मदरसा-ए-इल्मिया में नए छात्रों के प्रवेश में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है।
प्रांतीय प्रमुख ने मदरसा प्रबंधन के कुछ कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और उनके नियुक्ति आदेश जारी करने में तेजी लाने का अनुरोध किया।
उन्होंने आयतुल्लाह आराफ़ी की प्रांत यात्रा के दौरान स्वीकृत कुछ प्रस्तावों को जल्द से जल्द लागू करने, प्रांत की वित्तीय समस्याओं और आवश्यकताओं को दूर करने, ऑनलाइन प्रचार विभाग को सक्रिय करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रांत के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए उचित बजट आवंटित करने की मांग की।
इसके बाद हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन फर्रुख़ फ़ाल ने कहा कि यह दौरा मदरसों की सर्वोच्च परिषद के सचिवालय की ओर से किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रांतीय प्रबंधन और संबंधित विभागों से जुड़े मामलों को दर्ज कर उनका अनुसरण किया जाएगा, जबकि सर्वोच्च परिषद के सचिवालय से संबंधित मामलों पर वहीं निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कुछ समस्याओं को देश की मौजूदा परिस्थितियों का परिणाम बताते हुए कहा कि हम सामान्य परिस्थितियों में नहीं हैं। वर्तमान समय में दिखाई देने वाली कई कठिनाइयों का कारण यही स्थिति है और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मदरसों की सर्वोच्च परिषद के सचिवालय के प्रभारी ने छात्रों और शिक्षकों की आर्थिक समस्याओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि सर्वोच्च परिषद की बैठकों के साथ-साथ मदरसा प्रबंधन के प्रमुख की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में भी सभी का प्रयास यही है कि किसी न किसी तरह शिक्षकों और छात्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रांत की कुछ समस्याएं अतीत से चली आ रही हैं और इन दौरों का उद्देश्य यही है कि जहां भी संभव हो, आपसी सहयोग और सहानुभूति के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जा सके।
बैठक के अंत में मानव संसाधन, अनुसंधान, नैतिक एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षण, छात्रों के मामलों, सुरक्षा एवं संरक्षण, योजना एवं निगरानी, प्रचार, शिक्षा, वित्त, वक्फ़ तथा स्थायी आय से जुड़े विभागों के उपाध्यक्षों और अधिकारियों ने बारी-बारी से गिलान प्रांत के मदरसा-ए-इल्मिया की स्थिति तथा उसकी समस्याओं, कमियों और चुनौतियों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की हैं।













