मक्का और मदीना को निशाना बनाने की बातें महज़ धार्मिक फ़ितना फैलाने की साज़िश का हिस्सा हैं

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मक्का और मदीना को निशाना बनाने की बातें महज़ धार्मिक फ़ितना फैलाने की साज़िश का हिस्सा हैं

नजफ़ अशरफ़ के इमाम जुमा हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन सय्यद सदरुद्दीन क़बांची ने मक्का मुकर्रमा और मदीना मुनव्वरा के महत्व पर जोर देते हुए धार्मिक फ़ितना फैलाने और यमन व इराक़ के खिलाफ़ जनता की भावनाएं भड़काने की साज़िश से सावधान रहने की ताकीद की।

 नजफ़ अशरफ़ के इमाम जुमा हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीन सय्यद सदरुद्दीन क़बांची ने मक्का मुकर्रमा और मदीना मुनव्वरा के महत्व पर जोर देते हुए धार्मिक फ़ितना फैलाने और यमन व इराक़ के खिलाफ़ जनता की भावनाएं भड़काने की साज़िश से सावधान रहने की ताकीद की।

उन्होंने हुसैनिया आज़म फ़ातिमिया नजफ़ अशरफ़ में नमाज़े जुमा के ख़ुत्बों में आंतरिक, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने बग़दाद अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले के आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष मेले का शीर्षक “बग़दाद, इस्लामी संस्कृति की राजधानी” रखा गया है और इसमें 600 प्रकाशक भाग ले रहे हैं।

उन्होंने नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में देरी को लेकर जनता की चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि शैक्षणिक मामलों से संबंधित इस देरी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

नजफ़ अशरफ़ के इमाम जुमा ने बसरा की जनता, विद्वानों और क़बीलों की ओर से एक ऐसे उत्सव को रद्द किए जाने पर उनका शुक्रिया अदा किया, जिसे उन्होंने नैतिक मूल्यों के खिलाफ़ बताया था। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज के सामने मौजूद नैतिक चुनौतियों के बारे में जागरूकता का संकेत है।

उन्होंने नजफ़ अशरफ़ में हौज़ा इल्मिया की स्थापना के एक हज़ार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि नजफ़ एक बार फिर विचार, धर्म और तशय्युई के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति हासिल कर रहा है।

इराक़ के प्रधानमंत्री की अगले सप्ताह अमेरिका यात्रा का उल्लेख करते हुए हुज्जतुल-इस्लाम वल-मुस्लेमीनसय्यद सदरुद्दीन क़बांची ने कहा कि इराक़ में किसी भी राजनीतिक या सुरक्षा संकट के प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं। इसलिए सभी मामलों को बुद्धिमत्ता और सूझ-बूझ के साथ हल किया जाना चाहिए।

जुमा के ख़ुत्बे में उन्होंने इमाम हसन अस्करी (अ) की एक रिवायत बयान करते हुए शियाओं की चार प्रमुख विशेषताएं: तक़वा, सच्चाई, अमानतदारी और अच्छा आचरण, बताईं और कहा कि वास्तविक शिया वही है जिसके आचरण से ये विशेषताएं दिखाई दें।

उन्होंने अहले-बैत (अ) के अनुयायियों के लिए एक रिवायत का उल्लेख करते हुए कहा कि अहले-बैत के अनुयायी तीन अवसरों पर प्रसन्न होंगे: मृत्यु के समय, क़ब्र में सवाल के समय और क़यामत के दिन अल्लाह तआला के सामने पेशी के समय। उन्होंने कहा कि ये तीनों अवसर अत्यंत कठिन हैं, लेकिन अहले-बैत से प्रेम करने वालों के लिए इन अवसरों पर खुशखबरी दी गई है।

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