रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ आक्रमण के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हुए हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका के निवासियों ने अपनी अर्थव्यवस्था में इसका प्रभाव महसूस किया है।
रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष और इस देश के पूर्व राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने इस्लामिक गणराज्य ईरान के समाचार नेटवर्क के साथ एक बातचीत में कहा कि बल और ज़बरदस्ती की अपनी सीमाएँ हैं।
इसके अलावा ईरान पर आक्रामक हमले ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बहुत उल्लेखनीय बदलाव किए हैं जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। तेल और डीज़ल की कीमतों में वृद्धि ने भी अमेरिकी करदाताओं को कड़ी चोट पहुँचाई है।
मेदवेदेव ने अमेरिका और ज़ायोनी शासन के अपराधों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सब कुछ नष्ट कर दिया और खुद दोषी हैं। उन्होंने प्रतिबंध लगाए और सहयोग से इनकार किया। अब उन्हें इसके परिणाम देखने दें।
उन्हें पेट्रोल और ईंधन की ऊँची कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें कई आवश्यक उत्पादों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उनके यहाँ उच्च मुद्रास्फीति है और मूल रूप से उन्होंने ये समस्याएँ अपने लिए खुद पैदा की हैं। उन्हें इसका आनंद लेने दें!
उन्होंने इस स्थिति को अमेरिकी नीतियों के परिणाम बताया और चेतावनी दी कि वाशिंगटन की सैन्य कार्रवाइयाँ और एकतरफा दबाव अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और अधिक परिणाम ला सकते हैं।
मेदवेदेव ने अपनी बातों के एक अन्य हिस्से में एकध्रुवीय व्यवस्था और अमेरिका तथा पश्चिमी देशों के एकतरफा निर्णयों की आलोचना करते हुए जोर देकर कहा कि दुनिया इस दृष्टिकोण से थक चुकी है और बहुध्रुवीय व्यवस्था के गठन की ओर बढ़ रही है।













