हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन हुसैन मुज़फ़्फ़री ने कहा कि ईरानी जनता ने वर्षों से यह दिखाया है कि वह इमाम ज़माना अ.ज. की मदद के लिए ईश्वर द्वारा चुनी गई है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता इस्लामी क्रांति के सभी चरणों में इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था के साथ खड़ी रही है।
हुज्जतुल इस्लाम मुज़फ़्फ़री ने क़ज़वीन प्रांत के शहर इक़बालिया में इमाम जुमआ के कार्यालय में आयोजित प्रांतीय इमाम जुमा की बैठक को संबोधित करते हुए हज़रत फ़ातिमा ज़हेरा (स.अ.) के महान स्थान और व्यक्तित्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) केवल आम मोमिनों के लिए ही नहीं, बल्कि मासूम इमामों (अ.स.) के लिए भी आदर्श और मार्गदर्शक हैं।
उन्होंने अहले-बैत अ.स. से वर्णित इस रिवायत का हवाला दिया: «نَحْنُ حُجَّةُ اللَّهِ عَلَى خَلْقِهِ وَفَاطِمَةُ حُجَّةُ اللَّهِ عَلَيْنَا» यानी, “हम अहले-बैत लोगों पर अल्लाह की हुज्जत हैं और फ़ातिमा (स.अ.) हम पर अल्लाह की हुज्जत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इमाम ज़माना अ.ज.ने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ.को अपना आदर्श बताया है।
उन्होंने हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के अमीरुल मोमिनीन इमाम अली अ.स. के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने फरमाया था: «رُوحِي لِرُوحِكَ الْفِدَاءُ وَنَفْسِي لِنَفْسِكَ الْفِدَاءُ», अर्थात “मेरी आत्मा आपकी आत्मा पर और मेरा जीवन आपके जीवन पर कुर्बान हो।
उन्होंने कहा कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. ने अपने समय के इमाम का समर्थन करते हुए अपना पवित्र जीवन और अपने बच्चे को भी कुर्बान कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि हमें खुद से पूछना चाहिए कि हमने इमाम ज़माना (अ.ज.) के प्रति अपनी जिम्मेदारियां किस हद तक निभाई हैं और उनके प्रतिनिधि के आदेशों का कितना पालन किया है।
क़ज़वीन प्रांत के इस्लामी मदरसा परिषद के प्रमुख मुज़फ़्फ़री ने कहा कि ईमान, एकता और इमाम हुसैन अ.स. की शिक्षाओं पर भरोसा करके ईरानी जनता अमेरिका और इज़राइल के नेतृत्व वाले साम्राज्यवादी मोर्चे के साथ संघर्ष में अंततः विजयी होगी। उन्होंने शहीद आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के अंतिम भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश में साजिशों और अशांति को विफल करने में जनता की भूमिका पर जोर दिया था।
मुज़फ़्फ़री के अनुसार, उन्होंने कहा था कि यदि देश में दोबारा कोई ऐसी घटना होती है, तो ईश्वर इस राष्ट्र को फिर से उठ खड़ा होने की शक्ति देगा और यही जनता निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि ईरानी जनता ने इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं से सबक सीखा है और अपने सिद्धांतों को छोड़कर पीछे हटने वाली नहीं है।













