ख़ुदा के सिफत ऐन ज़ात हैं।आयतुल्लाह दरी नजफाबादी

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ख़ुदा के सिफत ऐन ज़ात हैं।आयतुल्लाह दरी नजफाबादी

ईरान के मरकज़ी प्रांत में वली-ए-फकीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह कुर्बानअली दरी नजफाबादी ने अल्लाह की विशेषताओं के बारे में शिया दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि अल्लाह के ज़ाती गुण, जैसे ज्ञान, शक्ति और जीवन, उसकी पवित्र ज़ात के ऐन हैं। उसकी ज़ात और गुणों के बीच किसी प्रकार की पृथकता या बहुलता नहीं है।

आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने अराक में आज अपने उच्चस्तरीय धार्मिक दर्स-ए-खारिज के दौरान अल्लाह के गुणों के संबंध में शिया विचारधारा की व्याख्या करते हुए कहा कि शिया इमामिया के अनुसार अल्लाह की ज़ात एक और अविभाज्य वास्तविकता है, जिसमें तमाम पूर्णताएं मौजूद हैं। ज्ञान, शक्ति और जीवन जैसे गुणों के नामों में अंतर केवल इंसान की समझ और देखने के अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण है, न कि अल्लाह की ज़ात में किसी प्रकार की बहुलता के कारण।

उन्होंने कहा कि अल्लाह की ज़ात इंसानी सीमाओं और परिभाषाओं से कहीं ऊपर है। उसे लिंग, प्रजाति या माहियत जैसी मानवीय अवधारणाओं के माध्यम से परिभाषित नहीं किया जा सकता। बल्कि उसकी पहचान उसके पूर्णता के गुणों, निशानियों और कार्यों के माध्यम से हासिल की जा सकती है।

आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने पैगंबरों के ईश्वर परिचय कराने के तरीके का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्लाह के पैगंबरों ने सृष्टि की निशानियों, पालन-पोषण, व्यवस्था संचालन और उसके गुणों के माध्यम से लोगों को उनके पालनहार से परिचित कराया। पवित्र कुरआन भी इंसान को आसमानों, धरती और पूरी कायनात में मौजूद अल्लाह की निशानियों पर चिंतन-मनन करने का निमंत्रण देता है।

उन्होंने सृष्टि की व्यवस्था और उसकी अद्भुत संरचना को अल्लाह की हिकमत और शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इंसानी शरीर की जटिल संरचना और रक्त संचार की व्यवस्था से लेकर आकाशगंगाओं, विभिन्न सौरमंडलों, जीव-जंतुओं के जीवन और पूरी कायनात के अनुशासन तक, हर चीज़ अल्लाह की महानता और उसकी व्यवस्था का प्रमाण है।

इंसान जैसे-जैसे दुनिया और कायनात के बारे में अधिक जानकारी हासिल करता है, वैसे-वैसे सृष्टि की विशालता के सामने अपने ज्ञान की सीमाओं को भी समझने लगता है।

उन्होंने सूरह नम्ल की आयत 88 का उल्लेख करते हुए कहा:

صُنْعَ اللَّهِ الَّذِی أَتْقَنَ کُلَّ شَیْءٍ
यह अल्लाह की कारीगरी है, जिसने हर चीज़ को पूर्ण व्यवस्था और मजबूती के साथ बनाया है।

उन्होंने कहा कि अल्लाह की सृष्टि व्यवस्था, संतुलन और बारीकी पर आधारित है। इंसान की ज्ञान प्राप्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद, अल्लाह की सृष्टि की महानता और उसकी बारीकियों के सामने उसका ज्ञान सीमित ही रहेगा।

अंत में आयतुल्लाह दरी नजफाबादी ने कहा कि अल्लाह की निशानियों के माध्यम से उसकी पहचान हासिल करना मरिफात और तौहीद को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण रास्ता है। संसार की प्रत्येक वस्तु अल्लाह की निशानी है और उसकी हिकमत, शक्ति तथा रहमत के प्रभावों पर चिंतन करने से इंसान अपने पालनहार की गहरी पहचान हासिल कर सकता है।

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