निम्नलिखित रिवायत "तोहफ़ुल उक़ूल" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
قال الامام الحسن العسکری علیہ السلام:
ما أقبَحَ بِالمُؤمِنِ أن تَکونَ لَهُ رَغبَةٌ تُذِلُّهُ؛
इमाम हसन अस्करी (अ) ने फ़रमाया:
मोमिन के लिए यह कितनी बुरी बात है कि उसके दिल में ऐसी इच्छा पैदा हो, जो उसे ज़िल्लत और रुसवाई में डाल दे।
तोहफ़ुल उक़ूल, पेज 489













