وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالْنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ وَالْنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ إِنَّ فِي ذَلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ

Rate this item
(0 votes)

وَسَخَّرَ لَكُمُ اللَّيْلَ وَالْنَّهَارَ وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ وَالْنُّجُومُ مُسَخَّرَاتٌ بِأَمْرِهِ إِنَّ فِي ذَلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ

और उसने तुम्हारे लिए रात और दिन को और सूर्य और चन्द्रमा को कार्यरत कर रखा है। और तारे भी उसी की आज्ञा से कार्यरत है - निश्चय ही इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ है जो बुद्धि से काम लेते है-[16:12]

Read 2638 times

क़ुरआन की शरण में

“या मन अरजूहो” दुआ के आखिर में दाहिना हाथ क्यों हिलाया जाता है?
“या मन अरजूहो” दुआ के आखिर में दाहिना हाथ क्यों हिलाया जाता है?
“या मन अरजूहो, सभी भलाई के लिए” दुआ रजब महीने की असली दुआओ में से एक है, जिसके साथ इमाम (अ) से एक खास प्रैक्टिकल…