क़ुरआन की शरण में (18)

क़ुरआन की शरण में

بَقِيَّتُ اللَّـهِ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ
بَقِيَّتُ اللَّـهِ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ
यदि तुम मोमिन हो तो जो अल्लाह के पास शेष रहता है वही तुम्हारे लिए उत्तम है। मैं तुम्हारे ऊपर कोई नियुक्त रखवाला नहीं हूँ।"…