इस्राईल के विनाश की उलटी गिनती बताने वाली तेहरान में लगाई गई घड़ी का सच

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इस्राईल के विनाश की उलटी गिनती बताने वाली तेहरान में लगाई गई घड़ी का सच

आज जब अधिकांश अरब देशों में इस्राईल से प्रभावित होकर उससे संबंध स्थापित करने की होड़ लगी हुई है, ईरान में इस्राईल के विनाश की उलटी गिनती शुरू हो गई है।

वास्तव में आज से लगभग 2 साल पहले ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने अगले 25 वर्षों में इस्राईल के विनाश की भविष्यवाणी की थी।

इसी भविष्यवाणी के आधार पर तेहरान की महानगरपालिका ने शहर के एक प्रसिद्ध चौक पर एक डिजिटल घड़ी लगाई है, जो इस्राईल के विनाश में बाक़ी रहने वाला टाइम दिखाती है।

यह घड़ी तेहरान के फ़िलिस्तीन चौक पर इसी साल रमज़ान के अंतिम शुक्रवार या जुमअतुल विदा को लगाई गई, ताकि लोग वरिष्ठ नेता की भविष्यवाणी को याद रखें और उसे सही होता हुआ देखें।

इस घड़ी के बारे में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि ईरानी जनता अपने वरिष्ठ नेता की बात पर पूर्ण भरोसा करती है और यह उलटी गिनती इस बात की दलील है।

हालांकि इस्राईली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने इस्राईल के विनाश की उलटी गिनती बताने वाली इस घड़ी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।

2040 में इस्राईल के विनाश का समय बताने वाली इस घड़ी पर नेतनयाहू ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि हमसे जहां तक हो सकेगा हम मैदान में डटे रहेंगे।

तेहरान महानगरपालिका में बसीज संगठन के एक अधिकारी मेहदी बाबाई का कहना है कि अगर हम अन्य इस्लामी देशों में भी इस प्रकार की घड़ियां लगाने में सफल रहे, जो इस्राईल की उलटी गिनती को दर्शाएं तो विश्व भर में एक आंदोलन के रूप में इसकी लहर शुरू हो जाएगी।

ग़ौरतल है कि इस्राईल एक अवैध शासन है, जिसकी नींव 14 मई 1948 को फ़िलिस्तीनियों की क़ब्ज़ा की गई ज़मीनों और बस्तियों पर रखी गई।

चरमपंथी यहूदी आंदोलन या ज़ायोनिज़्म ने इस इलाक़े में पश्चिमी साम्राज्यवाद के समर्थन से फ़िलिस्तीनियों पर अत्याचारों के पहाड़ तोड़ दिए और हज़ारों फ़िलिस्तीनियों की हत्या कर दी गई, लाखों लोगों को उनके घरों से निकाल दिया गया और 70 वर्ष बीत जाने के बाद भी वे विभिन्न देशों में शरणार्थियों का दुख भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

ईरान समेत विश्व के अनेक देशों ने आज तक इस्राईल को मान्यता नहीं दी है, बल्कि ईरान ने हमेशा पीड़ित फ़िलिस्तीनियों का समर्थन किया है और उसका कहना है कि फ़िलिस्तीनियों को उनका देश वापस मिलने तक वह अपने प्रयास जारी रखेगा।

 

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