रैली का घोषणापत्र, जैसे को तैसा जवाब देने की मांग

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रैली का घोषणापत्र, जैसे को तैसा जवाब देने की मांग

इस्लामी गणतंत्र ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ के अवसर पर निकाली गयी रैलियों में भाग लेने वाले करोड़ों लोगों ने अमरीका द्वारा परमाणु समझौते के उल्लंघन पर आक्रोश जताते हुए बल दिया कि अपराधी अमरीका यथावत ईरानी राष्ट्र का पहले नंबर का शत्रु समझा जाता है।

ईरानी जनता ने क्रांति की सफलता की 39वीं वर्षगांठ के अवसर पर निकाली गयी देश व्यापी रैली के घोषणापत्र में कहा कि कुछ यूरोपीय वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ईरान विरोधी अमरीका की विस्तारवादी नीतियों का साथ दिया जाना निंदनीय है।

इस घोषणापत्र में इस्लामी व्यवस्था के अधिकारियों से मांग की गयी है कि वह जनता के अधिकारों और राष्ट्रीय हितों को पूरा करने, प्रतिबंधों से प्रभावी  ढंग से मुक़ाबला करने और वर्चस्ववादी व्यवस्था और उसके समर्थकों की विध्वंसक कार्यवाहियों से मुक़ाबला करने के लिए साहसिक क़दम उठाएं।

रैली में शामिल लोगों ने देश की मीज़ाइल व रक्षा क्षमता और विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में ईरानी युवाओं के भरसक प्रयासों का भरपूर समर्थन किया।

ज्ञात रहे कि रविवार की सुबह 1000 से अधिक शहरों और 4 हज़ार गांवों सहित पूरे ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता की 39वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश व्यापी रैलियां निकाली गयीं।  

 

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