फ़िलिस्तीन मुद्दे का तार्किक समाधान, वास्तविक फ़िलिस्तीनियों का जनमतसंग्रह हैः वरिष्ठ नेता

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फ़िलिस्तीन मुद्दे का तार्किक समाधान, वास्तविक फ़िलिस्तीनियों का जनमतसंग्रह हैः वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ग़ज़्ज़ा और बैतुल मुक़द्दस में ज़ायोनी शासन के अपराधों पर यूरोप के मौन की आलोचना करते हुए कहा कि एेतिहासिक फ़िलिस्तीन देश में किस प्रकार की सरकार हो इसके लिए दुनिया में प्रचलित शैली और उस शैली का प्रयोग होना चाहिए जिसे जनमत स्वीकार करे।

रविवार की शाम इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसरों, बुद्धिजीवियों और शैक्षिक संस्थाओं के अधिकारियों ने मुलाक़ात की। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने कहा कि एेतिहासिक फ़िलिस्तीन देश में किस प्रकार की सरकार हो इसके लिए दुनिया में प्रचलित शैली का प्रयोग होना और उस शैली का प्रयोग होना चाहिए जिसे जनमत स्वीकार करे और इसमें समस्त वास्तविक फ़िलिस्तीनियों से चाहे वह मुस्लिम हों, यहूदी हों, या ईसाई हों जो कम से कम 80 वर्षों से इस धरती पर थे, चाहे वह विदेश में हों या अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में हों, पूछा जाए और जनमत संग्रह हो। 

वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का यह सुझाव जो आधिकारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ में पंजीकृत है, क्या दुनिया में प्रचलित मापदंडों के अनुसार नहीं है? तो फिर यूरोप इसको समझने को तैयार क्यों नहीं है।

वरिष्ठ नेता ने बच्चो के हत्यारे ज़ायोनी प्रधानमंत्री के यूरोप दौरे के दौरान स्वयं को अत्याचारग्रस्त दिखाने के ढोंग की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह अपराधी, इतिहास के समस्त अत्याचारों का सरदार है और यूरोपीयों से उसने झूठ बोला कि ईरान हमें और कुछ लाख यहूदियों को तबाह करना चाहता है जबकि ईरान द्वारा फ़िलिस्तीन मुद्दे के समाधान के लिए पेश किया गया सुझाव पूर्ण रूप से तार्किक और लोकतंत्र के मापदंडों के अनुरूप है। 

इस्लामी गणतंत्र ईरान के वरिष्ठ नेता ने दुनिया के अधिकतर राष्ट्रों में इस्लामी गणतंत्र ईरान के उच्च स्थान की ओर संकेत किया और कहा कि ईरान के अधिकतर दुश्मन, साम्राज्यवादी और तुच्छ सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अधिकतर राष्ट्रों और सरकारों के बीच ईरान के बहुत अधिक समर्थन, तेहरान का प्रभाव और उसकी प्रतिष्ठा है और यही कारण है कि दुष्ट दुश्मन हमेशा षड्यंत्रों के प्रयास में रहता है किन्तु ईश्वर की कृपा से वह ईरानी राष्ट्र और ईरान से फिर पराजित होंगे।

वरिष्ठ नेता ने बीस प्रतिशत यूरेनियम संवर्धन को देश के युवाओं की योग्यता और क्षमता का प्रकाशमयी नमूना क़रार दिया और कहा कि उस काल में जब 20 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम की ब्रिक्री के लिए शर्त लगाई थी और कुछ अधिकारियों ने इस बारे में उनको विशिष्टता देने पर रूझान दिखाया तो युवाओं के प्रयासों, आग्रह और प्रतिरोध द्वारा हमने 20 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम हासिल कर दिया और दुनिया ने यह देख लिया कि हमें अमरीकी, रूसी और फ़्रांसीसी यूरेनियम की आवश्यकता नहीं है।

 

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