इटली के उत्तरी शहर रोवीगो में मुसलमानों के अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ की नगर पालिका ने इस्लामी तरीके से दफ़न के लिए अलग क़ब्रिस्तान बनाने की मुस्लिम बिरादरी की दरख़्वास्त को ठुकरा दिया।
इटली के उत्तरी शहर रोवीगो में मुसलमानों के अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ की नगर पालिका ने इस्लामी तरीके से दफ़न के लिए अलग क़ब्रिस्तान बनाने की मुस्लिम बिरादरी की दरख़्वास्त को ठुकरा दिया।मुस्लिम कम्युनिटी पूरी तरह तैयार थी कि वह इस प्रोजेक्ट का सारा खर्च जमीन खरीद, डिज़ाइन, निर्माण और देखरेख खुद उठाएगी।
कोरिएरे दैल वेनीतो की रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम नुमाइंदों ने कहा कि इससे नगर पालिका पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद इसे नामंज़ूर करना धार्मिक आज़ादी, इंसानियत की इज्ज़त और समानता के बड़े सवाल खड़े करता है।
Solidale Senza Frontiere संगठन के अध्यक्ष अब्दुलकबीर लूज़ना का कहना है कि यह केवल धार्मिक मांग नहीं है, बल्कि इंसानी इज्ज़त, धार्मिक आज़ादी और आधुनिक इतालवी समाज में सांस्कृतिक विविधता की पहचान से जुड़ा मामला है। इस्लामी क़ब्रिस्तान बनना मुसलमानों की धार्मिक परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करने के लिए ज़रूरी है।
इस्लाम में मैय्यत की सीधे दफ़न और क़ब्र का क़िब्ला-रुख़ होना जरूरी है, जो सामान्य क़ब्रिस्तानों में अक्सर मुमकिन नहीं होता। साथ ही, अपने देश में मय्यत भेजना कई परिवारों के लिए महँगा या असंभव होता है, खासकर उन मुसलमानों के लिए जो सालों से इटली में रहते हैं और यहीं अपने अज़ीज़ों को दफ़न करना चाहते हैं।
हालाँकि वेनीटो प्रांत के कुछ शहरों में इस्लामी दफ़न के लिए खास हिस्से हैं, लेकिन रोवीगो में ऐसी सुविधा नहीं है। नज़दीकी शहर आद्रिया का एकमात्र मुस्लिम क़ब्रिस्तान भी सिर्फ़ स्थानीय लोगों तक ही सीमित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फ़ैसला इटली में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते भेदभावपूर्ण रुख का हिस्सा है, जो धार्मिक विविधता की जगह सीमित नीतियों को बढ़ावा दे रहा है।













