अल बक़ीअ ऑर्गनाइजेशन विश्व स्तर पर जन्नतुल बक़ीअ के पुनर्निर्माण की माँग को लेकर लगातार अपनी आवाज़ बुलंद करता आ रहा है। इसी क्रम में आज एक अहम पहल के तहत भारत सरकार के माननीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरन रिजिजू साहब के माध्यम से देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया।
अल बक़ीअ ऑर्गनाइजेशन विश्व स्तर पर जन्नतुल बक़ीअ के पुनर्निर्माण की माँग को लेकर लगातार अपनी आवाज़ बुलंद करता आ रहा है। इसी क्रम में आज एक अहम पहल के तहत भारत सरकार के माननीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरन रिजिजू साहब के माध्यम से देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया।
इस ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री जी से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे सऊदी अरब सरकार से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करें, ताकि सऊदी अरब के मदीना शरीफ़ स्थित ऐतिहासिक और प्रसिद्ध कब्रिस्तान जन्नतुल बक़ीअ में मौजूद इस्लाम की महान हस्तियों की क़ब्रों के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके। विशेष रूप से इसमें हज़रत मुहम्मद (स) की पुत्री बीबी सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.), अहलेबैत के इमामों तथा अन्य महान इस्लामी शख़्सियतों की क़ब्रों का उल्लेख किया गया, जिनसे पूरी दुनिया का शिया समुदाय गहरी आस्था और भावनात्मक लगाव रखता है। ज्ञापन में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इन मुक़द्दस क़ब्रों पर दरगाहों का पुनर्निर्माण न केवल धार्मिक आस्था का विषय है, बल्कि यह इस्लामी इतिहास और विरासत के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है।
इसी अवसर पर माननीय मंत्री श्री किरन रिजिजू साहब को आगामी 19 अप्रैल को दिल्ली स्थित एवान-ए-ग़ालिब ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण पत्र भी सौंपा गया। यह कार्यक्रम अल बक़ीअ ऑर्गनाइजेशन और सूफ़ी इस्लामिक बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में जन्नतुल बक़ीअ के मुद्दे पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य इस ऐतिहासिक और धार्मिक विषय पर जन-जागरूकता बढ़ाना है।
इस पूरे सिलसिले में ज्ञापन सौंपते समय नारायण फ़ाउंडेशन के प्रमुख विवेक मौर्य साहब, अल बक़ीअ ऑर्गनाइजेशन से सलमान रिज़वी, तथा उनके साथ फ़राज़ हुसैन साहब भी मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में यह उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर सकारात्मक भूमिका निभाएगी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सऊदी हुकूमत से संवाद स्थापित कर शिया समुदाय की इस जायज़ माँग को आगे बढ़ाएगी।













