हुज्जतुल इस्लाम मौलाना कल्बे रूशैद रिज़वी ने कुंदरकी सादात ज़िला मुरादाबाद में मरहूम शुजाअत हुसैन बिन ज़वार हुसैन और हिफ़ाज़त हुसैन बिन शुजाअत हुसैन की बरसी के मौके पर आयोजित मजलिस-ए-अज़ा मे ख़िताब करते हुए नौजवानों से दौर-ए-हाज़िर के तक़ाज़ों के अनुसार ज़िंदगी गुज़ारने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि मुहिब्ब-ए-अहले बैत को साहिबे इल्म होना चाहिए, ताकि समाज विकास के उच्च मंज़िलो को तय कर सके।
हुज्जतुल इस्लाम मौलाना कल्बे रूशैद रिज़वी ने अपने संबोधन में युवाओ को जागरूक रहने की नसीहत करते हुए इल्म की ओर ध्यान केंद्रित कराते हुए कहा कि अहले बैत के हर चाहने वाले को इल्म हासिल करना चाहिए।
चाहे कोई ऑनलाइन कोर्स किसी भी यूनिवर्सिटी से करे, मगर इल्म हासिल करना ज़रूरी है, ताकि समाज रूहानी और आर्थिक दोनों लिहाज़ से विकास कर सके।
उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान में जामा मस्जिद ख़दीजातुल-कुबरा पर हुए आतंकवादी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि हम इस जामा मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले की सख़्त निंदा करते हैं।
इस ईसाल-ए-सवाब की मजलिस-ए-अज़ा में जनाब ग़ुलाम महदी व हमनवा ने सोज़ख़्वानी की, जबकि निज़ामत के फ़राइज़ मौलाना सय्यद आफ़ाक़ आलम ज़ैदी ने अंजाम दिए।
मजलिस-ए-अज़ा में कुंदरकी सादात के मोमिनीन ने बड़ी संख्या में भाग लिया और मरहूम के बेटो को पुरसा दिया।













