उस्ताद हौज़ा ए इल्मिया आयतुल्लाह यसरबी: ट्रंप के पूर्व सहयोगियों ने ईरान पर हमले के बाद उससे दूरी बना ली

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उस्ताद हौज़ा ए इल्मिया आयतुल्लाह यसरबी: ट्रंप के पूर्व सहयोगियों ने ईरान पर हमले के बाद उससे दूरी बना ली

काशान में शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनई र.ह. चौक पर आयोजित जनसभाओं की 148वीं रात्रि में संबोधित करते हुए हुज्जतुल इस्लाम समीउल्लाह मर्दान ने कहा कि अल्लाह ने इंसान को स्वतंत्र पैदा किया है, ताकि वह उन अत्याचारियों के अधीन न जाए जो राष्ट्रों की अपार संपत्ति लूटते हैं और स्वयं को दुनिया की महाशक्ति बताते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस्लामी ईरान ने इमाम ख़ुमैनी (रह.) के नेतृत्व में उसके बाद क्रांति के शहीद रहबर के मार्गदर्शन में और आज जीवित इमाम के नेतृत्व में एक शक्तिशाली, आस्थावान और प्रतिरोधी राष्ट्र के रूप में विश्व में अपनी पहचान बनाई है।

मदरसे के इस शिक्षक ने कहा कि ज़ायोनी शासन और अमेरिका को इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ संघर्ष में या तो अपनी पराजय स्वीकार करनी होगी, या फिर उसी दलदल में नष्ट होना पड़ेगा जिसे उन्होंने स्वयं तैयार किया है।

हुज्जतुल इस्लाम मर्दान ने दोहराया कि ईरानी जनता अपनी आख़िरी बूंद ख़ून और अंतिम सांस तक दुश्मन के सामने डटी रहेगी तथा पूरी दुनिया ईरान की शक्ति को स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जो देश ईरान पर हमले से पहले ट्रंप के साथ थे, वे अब उससे अपनी असहमति और दूरी का ऐलान कर रहे हैं।

उन्होंने जनता से सड़कों पर अपनी उपस्थिति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग प्रतिदिन रात्रि के जनसमूहों में शामिल होते हैं, वे अपने मित्रों और रिश्तेदारों को भी इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने लोगों से मैदान और सड़कों को खाली न करने का आग्रह करते हुए कहा कि जनता की व्यापक उपस्थिति ज़ायोनी-अमेरिकी योजनाओं और साज़िशों को विफल कर देगी।
हुज्जतुल इस्लाम मर्दान ने कहा कि जनता अपनी उपस्थिति के माध्यम से इस्लामी गणराज्य के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करने के साथ-साथ दुनिया को यह संदेश भी दे रही है कि वह इस्लामी क्रांति और ईरान की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी है।

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