आँकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 में ब्रिटेन की मस्जिदों के खिलाफ हुई इस्लाम-विरोधी घटनाओं के बाद ब्रिटिश सरकार ने मस्जिदों की सुरक्षा के लिए बजट बढ़ा दिया है।
अरब न्यूज़ के हवाले से बताया कि नए आँकड़ों से पता चलता है कि ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2024 में साउथपोर्ट के दंगों के बाद मस्जिदों और मुस्लिम सामुदायिक स्थलों की सुरक्षा के लिए 6.6 करोड़ पाउंड (8.73 करोड़ डॉलर) की आपातकालीन सुरक्षा राशि आवंटित की है। यह ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटेन में मुसलमानों के प्रति बढ़ती शत्रुता को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
द गार्डियन ने बताया कि यह राशि उस 6.9 करोड़ पाउंड की लगभग पूरी रकम है, जिसकी घोषणा पूरे ब्रिटेन में हिंसक अशांति फैलने के दौरान एक आपातकालीन योजना के तहत की गई थी।
दंगों के दौरान मस्जिदें और शरणार्थियों के रहने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले होटल भी निशाना बनाए गए थे। इसकी वजह यह थी कि इंटरनेट पर झूठे दावे फैलाए गए थे कि हमलावर एक मुस्लिम शरणार्थी था।
द गार्डियन ने सूचना की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया कि हाल के वर्षों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर होने वाला खर्च बहुत तेजी से बढ़ा है।
सरकार की सुरक्षा योजना के तहत मस्जिदों, इस्लामी स्कूलों और संबंधित संस्थानों के लिए अलग से निर्धारित सुरक्षा बजट वर्ष 2016-17 में लगभग 73 हजार पाउंड से बढ़कर 2022-23 में लगभग 30 लाख पाउंड और 2024-25 में 2.9 करोड़ पाउंड हो गया। अप्रैल 2026 में समाप्त हुए वर्ष में यह राशि बढ़कर रिकॉर्ड 4.1 करोड़ पाउंड तक पहुँच गई।
ब्रिटेन मुस्लिम फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी आक़िला अहमद, जो मुसलमानों के खिलाफ नफ़रत फैलाने और बढ़ती इस्लाम-विरोधी घटनाओं की निगरानी के लिए सरकार के साथ सहयोग करती हैं, ने कहा कि ये आँकड़े मुस्लिम समुदायों के सामने बढ़ते खतरों को दर्शाते हैं।
उन्होंने द गार्डियन से कहा कि मस्जिदों को लगातार बढ़ते हमलों का सामना करना पड़ रहा है और इसके सीधे जवाब के रूप में उनकी सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएँ भी बढ़ रही हैं।
इस फाउंडेशन ने जुलाई में बताया था कि पिछले एक वर्ष के दौरान पूरे ब्रिटेन में औसतन हर पाँच दिन में एक मस्जिद पर हमला हुआ।
इन चिंताओं का असर अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर भी महसूस किया जा रहा है। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के अनुसार, बर्मिंघम स्थित जामी सामुदायिक केंद्र ने इस वर्ष मार्च से जुलाई के बीच कम से कम पाँच ऐसी घटनाओं की सूचना दी, जिनमें घृणा-आधारित अपराध और नस्लवाद से संबंधित आपराधिक क्षति शामिल थी।
द गार्डियन के अनुसार, केंद्र की खिड़कियों के शीशे तोड़े गए और दीवारों पर इस्लाम-विरोधी नारे लिखे गए। इसके कारण सुरक्षा बजट मिलने की प्रतीक्षा के दौरान इस केंद्र को सुरक्षा द्वार लगाने पड़े।
ब्रिटिश मुस्लिम ट्रस्ट ने मुसलमानों के खिलाफ नफ़रत की जड़ों से निपटने के लिए और अधिक प्रयास किए जाने की माँग की है, ताकि केवल सुरक्षा उपायों को बढ़ाने पर निर्भर न रहना पड़े।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष मुस्लिम समुदायों की सुरक्षा में सहायता के लिए सुरक्षा योजनाओं के तहत 4 करोड़ पाउंड आवंटित किए गए हैं। यह राशि वर्ष 2026-27 में धार्मिक समुदायों की सुरक्षा के लिए निर्धारित 7.74 करोड़ पाउंड के रिकॉर्ड बजट का एक हिस्सा है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि वह लंबित आवेदनों पर जितनी जल्दी संभव हो सके, कार्रवाई करने का प्रयास कर रहा है।













