लेबनान के जमीयत-ए-उलमाए मुस्लिमीन के प्रमुख शेख गाजी हनीना ने कहा है कि प्रतिरोध के बेटे शहीद-ए-उम्मत सैयद हसन नसरुल्लाह से किए गए वादे पर कायम हैं और यह रास्ता फिलिस्तीन की आजादी तथा ज़ायोनी कब्जाधारियों के वहां से निकलने तक जारी रहेगा।
शेख गाजी हनीना ने हिजबुल्लाह की ओर से बेरूत के दक्षिणी क्षेत्र दाहिया में शहीद-ए-उम्मत के मकबरे के पास सैयद हसन नसरुल्लाह, सैयद हाशिम सफीउद्दीन और उनके साथियों की दूसरी बरसी के अवसर पर आयोजित केंद्रीय और जोशीले कार्यक्रम में भाग लेते हुए अपने संकल्प को दोहराया।
उन्होंने कहा कि दर्द, गम और दिल को बेचैन कर देने वाली जुदाई के बावजूद हम सैयद हसन नसरुल्लाह की याद और उनके संघर्ष को श्रद्धांजलि पेश करते हैं।
शेख गाजी हनीना ने आगे कहा, “हम आज भी उसी वादे पर कायम हैं, जो आपने हमसे लिया था और उसी प्रतिज्ञा को पूरा कर रहे हैं, जो आपने हमसे की थी; यहां तक कि फिलिस्तीन, पूरे फिलिस्तीन की आजादी और दक्षिणी लेबनान से ज़ायोनी दुश्मन की वापसी का उद्देश्य हासिल हो जाए।”
उन्होंने कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह ने हमारे अंदर उम्मीद और विश्वास पैदा किया तथा प्रतिरोध के रास्ते पर दृढ़ रहने का हौसला दिया।
जमीयत-ए-उलमाए मुस्लिमीन लेबनान के प्रमुख ने इस संकल्प को दोहराया कि सैयद हसन नसरुल्लाह की विचारधारा, उनके रास्ते और प्रतिरोध का यह सफर जारी रहेगा तथा उनके साथ किए गए वादे को फिलिस्तीन की आजादी तक कायम रखा जाएगा।













