हुज्जतुल इस्लाम मेंहदी बसिरती ने सुरक्षा के सांस्कृतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस्लामी क्रांति की विचारधारा में सुरक्षा और संस्कृति दो ऐसे विषय हैं, जिन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता हैं।
हुज्जतुल इस्लाम मेहदी बसिरती ने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह संदेश सुरक्षा, सामाजिक विश्वास और सांस्कृतिक शांति के बीच संबंध को समझने का मार्गदर्शन प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा समाज में मानसिक शांति, परिवार की मजबूती तथा सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों के विकास की बुनियाद है। इस दृष्टि से, पुलिस बल के कर्मचारियों की निरंतर सेवाएं अत्यंत मूल्यवान हैं, जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व भी है।
हुज्जतुल इस्लाम बसिरती ने सुरक्षा के सांस्कृतिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षा मस्जिदों, धार्मिक सभाओं, कुरआन केंद्रों और प्रशिक्षण संस्थानों की गतिविधियों के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराती है। वहीं, धार्मिक विश्वासों को मजबूत करना, सामाजिक नैतिकता को बढ़ावा देना और समाज की समस्याओं के समाधान में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना सुरक्षा को स्थायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता के संदेश में सामाजिक व्यवहार के माध्यम से विश्वास पैदा करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी संस्था की सामाजिक प्रतिष्ठा केवल उसके कार्यों की प्रभावशीलता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जनता के विश्वास से भी जुड़ी होती है। लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, विशेष रूप से किशोरों और युवाओं के साथ आदरपूर्ण संवाद, सुरक्षा संबंधी योजनाओं में जनसहयोग को बढ़ाने में सहायक होता है।
काशान के इस्लामी प्रचार विभाग के प्रमुख ने काशान पुलिस कमान और क्षेत्र में कार्यरत सभी समर्पित पुलिसकर्मियों की सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि काशान के पुलिसकर्मियों ने विभिन्न अवसरों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। जनसभाओं में व्यवस्था बनाए रखने से लेकर राष्ट्रीय और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग देने तक, उनकी भूमिका प्रभावी और जिम्मेदार रही है।
अंत में, हुज्जतुल इस्लाम मेहदी बसिरती ने पुलिस सप्ताह की बधाई देते हुए पुलिस बल के दिवंगत शहीदों, विशेष रूप से शहीद गौहरी और शहीद नाइनी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कैप्टन सैयद मजीद हुसैनिया की बहुमूल्य सेवाओं की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवारों की धैर्यपूर्ण भूमिका को भी नहीं भूलना चाहिए। ये परिवार इस कठिन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करते हैं और सुरक्षा व्यवस्था को सफल बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है।













