3 जुलाई की हृदय विदारक घटना, जो अमरीका के लिए हमेशा कलंक बनी रहेगी

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3 जुलाई की हृदय विदारक घटना, जो अमरीका के लिए हमेशा कलंक बनी रहेगी

अमरीका की सरकारों में मानवता विरोधी भावना धीरे धीरे बहुत गहराई तक उतर चुकी है।

अमरीकी सरकार मानवाधिकारों की रक्षा का दिखावा करती है लेकिन उसने इतने भयानक रूप से मानवाधिकारों का हनन किया है जिसका कोई और उदाहरण नहीं है।

12 तीर बराबर 3 जुलाई भी एेसी ही एक तारीख़ है जो अमरीका के घिनौने सरकारी अपराध की याद दिलाती है। अमरीका ने यह अपराध ईरान के ख़िलाफ़ अंजाम दिया था।

12 तीर 1367 हिजरी शम्सी बराबर 3 जुलाई 1988 को अमरीकी युद्धपोत ने फ़ार्स की खाड़ी के ऊपर से गुज़र रहे ईरान के यात्री विमान पर मिसाइल हमला किया था जिसमें बेगुनाह यात्री शहीद हुए थे।

ईरान में इस घटना की याद हर साल मनाई जाती है और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस साल भी अपने एक बयान में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अपराधियों की निंदा की है।

 

3 जुलाई की हृदय विदारक घटना, जो अमरीका के लिए हमेशा कलंक बनी रहेगी

 

अमरीका की सरकारों में मानवता विरोधी भावना धीरे धीरे बहुत गहराई तक उतर चुकी है।

अमरीकी सरकार मानवाधिकारों की रक्षा का दिखावा करती है लेकिन उसने इतने भयानक रूप से मानवाधिकारों का हनन किया है जिसका कोई और उदाहरण नहीं है।

12 तीर बराबर 3 जुलाई भी एेसी ही एक तारीख़ है जो अमरीका के घिनौने सरकारी अपराध की याद दिलाती है। अमरीका ने यह अपराध ईरान के ख़िलाफ़ अंजाम दिया था।

12 तीर 1367 हिजरी शम्सी बराबर 3 जुलाई 1988 को अमरीकी युद्धपोत ने फ़ार्स की खाड़ी के ऊपर से गुज़र रहे ईरान के यात्री विमान पर मिसाइल हमला किया था जिसमें बेगुनाह यात्री शहीद हुए थे।

ईरान में इस घटना की याद हर साल मनाई जाती है और शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस साल भी अपने एक बयान में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अपराधियों की निंदा की है।

 

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